Ayushman Card
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू करने के फैसले का स्वागत कर दिया है. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सोमवार को घोषणा की गई कि राज्य में अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू की जाएगी. इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है.
आयुष्मान भारत योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इलाज का बेहतर और मुफ्त लाभ उपलब्ध कराना है. योजना के जरिए लाखों लोग निजी और सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करवा सकते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं कि बंगाल की जनता आयुष्मान भारत योजना का लाभ कैसे उठा सकती है.
किन-किन लोगों को मिलेगा लाभ
योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं. इनमें एक कमरे के कच्चे मकान में रहने वाले परिवार शामिल हैं. ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 वर्ष की उम्र का कोई कमाने वाला सदस्य नहीं है, वे भी योजना के दायरे में आएंगे. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा. इसके अलावा ऐसे परिवार जिनमें केवल महिला सदस्य हैं या जिनमें दिव्यांग व्यक्ति रह रहे हैं, उन्हें भी योजना में शामिल किया गया है. भूमिहीन परिवार जो मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र माने गए हैं.
वरिष्ठ नागरिकों के लिए होगी विशेष सुविधा
आयुष्मान भारत योजना में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिक योजना का लाभ उठा सकते हैं. जो लोग पहले से ईसीएचएस, सीजीएचएस या आयुष्मान सीएपीएफ जैसी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे हैं, वे चाहें तो अपनी मौजूदा सुविधा जारी रख सकते हैं या आयुष्मान योजना में शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा निजी स्वास्थ्य बीमा या ईएसआई योजना से जुड़े वरिष्ठ नागरिक भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के पात्र होंगे.
क्या शामिल नहीं है
हालांकि, योजना में कई स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं, लेकिन कुछ सुविधाएं इसके दायरे से बाहर रखी गई हैं. मरीज के बाहर इलाज कराने का खर्च, कॉस्मेटिक सर्जरी, ड्रग रिहैबिलिटेशन, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट और व्यक्तिगत इलाज जैसी सेवाएं आयुष्मान भारत योजना में शामिल नहीं हैं.
कौन बनवा सकता है आयुष्मान कार्ड
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए व्यक्ति का नाम वर्ष 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना सूची में होना जरूरी है. वहीं शहरी क्षेत्रों में कई वर्गों को योजना के लिए पात्र माना गया है. इनमें कूड़ा बीनने वाले, भिखारी, घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, हॉकर्स, मोची, निर्माण कार्य और सफाई कर्मचारी शामिल हैं. इसके अलावा प्लंबर, मजदूर, वेल्डर, पेंटर, कुली, सिक्योरिटी गार्ड, हस्तशिल्प कारीगर, कलाकार, दर्जी, ट्रांसपोर्ट कर्मचारी, डिलीवरी वर्कर, दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी और अन्य असंगठित क्षेत्र के कामगार भी योजना का लाभ उठा सकते हैं.
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है. इनमें आधार कार्ड या पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ, जाति प्रमाणपत्र, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी संपर्क जानकारी शामिल है. इसके अलावा आय प्रमाणपत्र भी जरूरी दस्तावेजों में शामिल किया गया है.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें
सबसे पहले https://pmjay.gov.in/ वेबसाइट पर जाएं. वहां मेन्यू बार में दिए गए 'क्या मैं पात्र हूं' विकल्प पर क्लिक करें. इसके बाद मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड और ओटीपी दर्ज करके लॉगिन करें.
फिर अपने राज्य का चयन करें और सब स्कीम सेक्शन में 'पीएमजेएवाई' विकल्प चुनें. इसके बाद जिला चुनकर 'सर्च बाय' विकल्प में नाम, राशन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर या आधार नंबर में से किसी एक का चयन करें.
जरूरी जानकारी भरने के बाद सर्च पर क्लिक करें. इसके बाद 'डू ई-केवाईसी' विकल्प चुनें और आधार ओटीपी के जरिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें.
ई-केवाईसी पूरा होने के बाद कुछ समय इंतजार करें. फिर पोर्टल पर दोबारा लॉगिन करके डाउनलोड कार्ड विकल्प पर क्लिक करें. आधार ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा होने के बाद आयुष्मान कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है.
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