
PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana
PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोलर एनर्जी, ग्रीन एनर्जी और क्लीन एनर्जी को लेकर भारत की बड़ी उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड टर्बाइन के लिए मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहा है. भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता और 2070 तक नेट-जीरो एमिशन का लक्ष्य तय किया है. इसके साथ ही 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य भी रखा गया है. भारत की इस उपलब्धि में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना की अहम भूमिका है, जिसके जरिए लाखों परिवार अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बना रहे हैं.
भारत सोलर एनर्जी में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश
PIB के अनुसार, भारत अब सोलर एनर्जी प्रोडक्शन और कुल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के मामले में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है. केवल चीन और अमेरिका भारत से आगे हैं. देश की कुल इंस्टॉल्ड सोलर क्षमता 150 गीगावाट (GW) से अधिक हो चुकी है, जिससे हर साल 1,08,494 GWh से ज्यादा सोलर बिजली का उत्पादन हो रहा है. इस उपलब्धि के पीछे रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का बड़ा योगदान है.
क्या है पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लॉन्च की थी. इसका मकसद देश के 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना है, ताकि लोग खुद बिजली बना सकें और बिजली बिल में बड़ी बचत कर सकें. यह दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू रूफटॉप सोलर योजना मानी जाती है. योजना के तहत सरकार पात्र परिवारों को 40% तक सब्सिडी देती है, जिससे सोलर सिस्टम लगवाने की लागत काफी कम हो जाती है.

अब तक कितने लोगों को मिला फायदा?
PIB के मुताबिक, 19 मार्च 2026 तक देशभर में 26,19,879 रूफटॉप सोलर (RTS) सिस्टम लगाए जा चुके हैं. योजना शुरू होने के पहले नौ महीनों में ही 6.3 लाख इंस्टॉलेशन पूरे हुए थे. पहले जहां हर महीने करीब 7 हजार इंस्टॉलेशन होते थे, वहीं योजना लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 70 हजार प्रति माह तक पहुंच गई. सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों में सोलर सिस्टम लगाने का है. अनुमान है कि इस योजना से हर साल 75 हजार करोड़ रुपये तक की बिजली लागत बचाई जा सकती है.
योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
1 किलोवाट तक: 30,000 रुपये
2 किलोवाट तक: 60,000 रुपये
3 किलोवाट या उससे अधिक: अधिकतम 78,000 रुपये तक सब्सिडी
सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है.
इस योजना के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
भारत का नागरिक होना चाहिए.
उसके नाम पर बिजली कनेक्शन होना चाहिए.
घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए.
एक परिवार के लिए एक ही आवेदन मान्य होगा.

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
आधार कार्ड
पहचान पत्र
बिजली बिल
मोबाइल नंबर
बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
छत वाले घर का विवरण

पीएम सूर्य घर योजना के लिए कैसे करें आवेदन?
योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है.
स्टेप 1: पीएम सूर्य घर योजना के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं.
स्टेप 2: अपने राज्य और बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का चयन करें.
स्टेप 3: बिजली उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें.
स्टेप 4: लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें.
स्टेप 5: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.
स्टेप 6: DISCOM से मंजूरी मिलने के बाद अधिकृत विक्रेता से सोलर सिस्टम लगवाएं.
स्टेप 7: इंस्टॉलेशन और निरीक्षण पूरा होने के बाद नेट मीटर लगाया जाएगा.
स्टेप 8: बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें, जिसके बाद सब्सिडी सीधे खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
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