बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर
बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर
महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने कहा है कि राज्य में कॉमन सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू करने की दिशा में पहल की जा रही है. उनका कहना है कि इस कानून के लागू होने से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे. उन्होंने खास तौर पर कहा कि इससे महिलाओं को बराबरी के अधिकार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
उत्तराखंड की तर्ज पर विधानसभा में प्रस्ताव
भातखलकर ने बताया कि उत्तराखंड की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी कॉमन सिविल कोड को लेकर विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया है. उनके अनुसार इस कानून का उद्देश्य समाज में समानता स्थापित करना और सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू करना है.
धर्मांतरण विरोधी कानून भी लाने की तैयारी
बीजेपी विधायक ने आगे कहा कि राज्य में जल्द ही धर्मांतरण विरोधी कानून भी सदन में पेश किया जाएगा. भातखलकर के अनुसार, 'लव जिहाद एक वास्तविकता है और इसी वजह से ऐसे मामलों को रोकने के लिए कानून लाना जरूरी है.'
डेमोग्राफी बदलने की कोशिश का आरोप
अतुल भातखलकर ने आरोप लगाया कि देश की जनसंख्या की संरचना यानी डेमोग्राफी बदलने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि पहले केरल के मुख्यमंत्री ने भी लव जिहाद का उल्लेख किया था.
भातखलकर ने बताया कि राज्य में धर्मांतरण के मामलों की जांच के लिए डीजीपी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी. उनके अनुसार पिछले 8 से 10 वर्षों में राज्य में 50 हजार से अधिक धर्मांतरण के मामलों का आकलन सामने आया है.
विपक्ष पर साधा निशाना
बीजेपी विधायक ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल बयानबाजी करता है. साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे सदन में आएं और इस विषय पर खुलकर चर्चा करें.
आज पेश हो सकता है धर्म स्वतंत्रता विधेयक
महाराष्ट्र विधानसभा में आज धर्म स्वतंत्रता विधेयक पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि इस विधेयक का उद्देश्य कथित अवैध धर्मांतरण और जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर रोक लगाना है.
प्रस्तावित कानून में सख्त प्रावधान संभव
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित कानून में जबरदस्ती, प्रलोभन या धोखे से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं. सरकार का कहना है कि इस कानून से राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध धर्मांतरण के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा.
(रिपोर्ट- ऋत्विक)
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