scorecardresearch

Pune Fake Kidnapping Case: पैसों की तंगी में 19 साल के युवक ने रची अपने ही अपहरण की कहानी, रोने का वीडियो भेजकर मांगे 5 लाख

19 वर्षीय ओम प्रकाश गौरीशंकर ने पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए पुणे में अपने ही अपहरण की कहानी रची. उसने परिवार से 5 लाख रुपये की मांग की और भरोसा दिलाने के लिए रोते हुए वीडियो भी भेजा. लेकिन जब वारदात का राज खुला तो सब हैरान रह गए.

Advertisement
Pune, 19 years old boy fake kidnaping plot Pune, 19 years old boy fake kidnaping plot

पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए 19 साल के एक युवक ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी जानकारी सामने आने के बाद माता-पिता और पुलिस भी हैरान रह गई. उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला यह युवक पुणे आया था, लेकिन यहां नौकरी नहीं मिलने और खर्च चलाने में परेशानी होने लगी. इसके बाद उसने परिवार से पैसे लेने के लिए अपने ही अपहरण की कहानी रच डाली. इतना ही नहीं, कहानी को सच दिखाने के लिए उसने रिश्तेदारों को अपना रोते हुए वीडियो भी भेज दिया.

'मेरा अपहरण हो गया, 5 लाख मांग रहे हैं'
आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू तालुका के जलालपुर गांव निवासी ओम प्रकाश गौरीशंकर (19) के रूप में हुई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह पुणे आया था, लेकिन उसके पास नौकरी नहीं थी और रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी उसे पैसों की कमी पड़ रही थी. इसी परेशानी के बीच उसने परिवार से पैसे लेने का प्लान बनाया. उसने अपने रिश्तेदारों और बड़े भाई को बताया कि उसका अपहरण हो गया है. साथ ही कहा कि उसे छोड़ने के बदले कथित अपहरणकर्ता 5 लाख रुपये मांग रहे हैं. अपनी बात पर परिवार को यकीन दिलाने के लिए उसने एक वीडियो भी भेजा. इसमें वह रोता हुआ नजर आ रहा था, ताकि परिवार को लगे कि वह सच में किसी के कब्जे में है.

यूपी पुलिस ने पुणे पुलिस से किया संपर्क
युवक के अपहरण की बात सुनकर परिवार घबरा गया और उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया. शिकायत मिलने के बाद शाहजहांपुर पुलिस ने पुणे पुलिस को मामले की जानकारी दी. पुलिस को बताया गया कि उत्तर प्रदेश का एक युवक पुणे में कथित तौर पर अगवा हो गया है और उसकी रिहाई के लिए 5 लाख रुपये की मांग की जा रही है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया. 16 और 17 अगस्त की रात से लेकर 17 अगस्त की सुबह तक अलग-अलग थानों की पुलिस, नाइट राउंड पर तैनात अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी कथित अपहरणकर्ताओं और युवक की तलाश में जुट गए.

मोबाइल लोकेशन से होटल तक पहुंची पुलिस
पुलिस को कथित तौर पर अगवा किए गए युवक का मोबाइल नंबर भी दिया गया था. इसके बाद बंड गार्डन पुलिस स्टेशन की टीम ने मोबाइल नंबर को ट्रैक करना शुरू किया. जांच में पता चला कि फोन पुणे के खड़की इलाके में एक्टिव था. इसके बाद बंड गार्डन पुलिस के साथ नाइट पेट्रोलिंग पर तैनात अधिकारी, पुलिसकर्मी और मार्शल Crown Plaza Lodging पहुंचे. पुलिस के वहां पहुंचने पर युवक वहीं मिला.

जांच में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि युवक का वास्तव में अपहरण नहीं हुआ था. उसने परिवार से पैसे हासिल करने के लिए कथित तौर पर खुद ही पूरे मामले की कहानी तैयार की थी. फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने युवक को खोज लिया है और मामले की आगे जांच की जा रही है. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह रही कि कथित अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने रातभर तलाश अभियान चलाया और मोबाइल लोकेशन के जरिए युवक तक पहुंच गई.
 

ये भी पढ़ें