
Pune Hinjewadi Traffic Ganesh Decoration
Pune Hinjewadi Traffic Ganesh Decoration
पुणे का IT हब हिंजवड़ी... चमचमाती इमारतें और बड़ी-बड़ी IT कंपनियां. लेकिन इन इमारतों से निकलकर जैसे ही सड़क पर आते हैं, ट्रैफिक जाम और बदहाल सड़कों की ऐसी तस्वीर सामने आती है, जो हर दिन हजारों लोगों के लिए परेशानी बन चुकी है. इसी समस्या को हिंजवड़ी में काम करने वाले IT इंजीनियर रवी चौहान ने अपने घर के गणपति के जरिए सामने रखा है. उन्होंने गणपति के घरगुती झांकी में सिर्फ ट्रैफिक नहीं दिखाया, बल्कि अपनी जिंदगी से जुड़ी एक दर्दनाक कहानी भी लोगों के सामने रखी.

ट्रैफिक में फंसी एंबुलेंस, नहीं बच सकी मां
1 जनवरी 2026 को रवी चौहान की मां की तबीयत बिगड़ी थी. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस निकली, लेकिन ट्रैफिक जाम में फंस गई. अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के बीच उनकी मां की मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मां को हार्ट अटैक आया था और एंबुलेंस अस्पताल से कुछ ही मिनट दूर ट्रैफिक में फंस गई थी. एक बेटे के लिए इससे बड़ा दर्द शायद ही कुछ हो सकता है. इसी दर्द को रवी चौहान ने गणपति के झांकी के जरिए लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है.

गणपति के झांकी में हूबहू दिखा ट्रैफिक
रवी चौहान का बनाया यह झांकी कुछ ऐसा है कि इसे देखने पर कुछ सेकंड के लिए यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि यह कोई मॉडल है. ऐसा लगता है जैसे आप सचमुच पुणे की सड़क पर खड़े हैं. सड़क पर ट्रैफिक है, वाहन फंसे हुए हैं, ट्रैफिक पुलिस और ट्रैफिक वॉर्डन दिखाई देते हैं. कहीं रिक्शा है तो कहीं पैदल चलते लोग नजर आते हैं. इसी भीड़ के बीच सायरन बजाती एंबुलेंस भी दिखाई देती है.

झांकी में सड़क, भुयारी मार्ग और उसमें से गुजरते वाहनों को इतनी बारीकी से तैयार किया गया है कि पूरा दृश्य बिल्कुल वास्तविक नजर आता है. कहीं ट्रैफिक संभालते चूहे पुलिसकर्मी दिखते हैं, तो कहीं ट्रैफिक वॉर्डन अपनी ड्यूटी करता नजर आता है. इस पूरे दृश्य में फंसी एंबुलेंस सबसे अहम संदेश देती है. क्योंकि यह सिर्फ गणपति का डेकोरेशन नहीं, बल्कि उस परिवार की कहानी है जिसने ट्रैफिक जाम की कीमत अपनी मां को खोकर चुकाई है.

निजी दर्द को बनाया सामाजिक सवाल
हिंजवड़ी पुणे का बड़ा IT हब है, लेकिन खराब सड़कें और ट्रैफिक जाम लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं. रवी चौहान ने अपने व्यक्तिगत दर्द को समाज के एक बड़े सवाल में बदलने की कोशिश की है. गणपति बप्पा के दरबार से उठी यह आवाज सिर्फ रवी चौहान की नहीं, बल्कि उन हजारों IT कर्मचारियों, वाहन चालकों और नागरिकों की भी है, जो रोज हिंजवड़ी के ट्रैफिक से जूझते हैं.
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