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Rajasthan News: सबसे कम उम्र में पार्षद बनीं सानिया, तो दूसरे में अपने चाचा को ही दी मात... कौन हैं ये दोनों युवा?

अक्सर चुनाव जीतने वालों को ज्यादा उम्र का देखा जाता है, लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा में सानिया चुनाव जीत सबसे कम उम्र वाली पार्षद बन गईं हैं. वह जेन जी प्रोटेस्ट से भी काफी प्रभावित हुईं थीं.

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चुनाव में जीत दर्ज करने वाले युवा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले युवा

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर नगर पालिका चुनाव के नतीजों में कई चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं. वर्षों से चुनावी मैदान में अपना दबदबा बनाए रखने वाले अनुभवी चेहरों को इस बार उभरते हुए नए चेहरों ने शिकस्त देकर जहाजपुर की स्थानीय राजनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं.

वार्ड नंबर 6 से पहली बार चुनावी मैदान में उतरी अनुभवी नेता नजीर मोहम्मद की पोती जेनजी सानिया खानम चुनाव जीत गई. इसने भाजपा की ममता पंचोली की हार हुई है, जबकि वार्ड नंबर 16 में सबसे बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला. जहां लगातार आठ बार चुनाव जीत चुके दिग्गज नेता एवं अंजुमन कमेटी के सदर नज़ीर सरवरी को उभरते मुस्लिम चेहरे रईश केजीएन ने मात दे दी. 

वार्ड 17 में चाचा पर भारी पड़ा भतीजा

वार्ड नंबर 17 में भी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा. दो बार पार्षद रह चुके एवं वक्फ बोर्ड के सदर नसीब दाद पठान को उनके ही भतीजे और कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद मुजम्मिल शेर ने 263 वोटों से शिकस्त दी. एक ही परिवार के दो चेहरों के बीच हुए इस मुकाबले में युवा चेहरे की जीत ने स्थानीय सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है.

सानिया बनीं जिले की सबसे कम उम्र की पार्षद

जहाजपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 6 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने वाली सानिया खानम भी चुनाव परिणाम के साथ चर्चा में आ गईं. चुनाव के लिए आवेदन करने के बाद चुनाव लड़ने के फैसले को Gen Z Protest से प्रभावित बताया. अब जीत के बाद उन्हें भीलवाड़ा जिले की सबसे कम उम्र की पार्षद बनने का खिताब मिलने से उनकी राजनीतिक चर्चा और बढ़ गई है.

नतीजों ने दिए बदलाव के संकेत

जहाजपुर के मुस्लिम बाहुल्य वार्डों के इन परिणामों ने यह साफ कर दिया कि इस बार मतदाताओं ने केवल पुराने राजनीतिक चेहरों पर भरोसा नहीं जताया, बल्कि नए और युवा चेहरों को भी मौका दिया. सात बार के विजेता की हार से लेकर चाचा को भतीजे की शिकस्त और युवा सानिया खानम की जीत से यह सिद्ध हो चुका है.