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भीषण गर्मी और उमस की मार, राजस्थान में पर्यटन पर छाया सन्नाटा, पर इन कारोबारों की हो रही है चांदी

राजस्थान में इस बार गर्मी ने अपना अलग ही मिजाज दिखाया है. पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भीलवाड़ा में न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस रहा.

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राजस्थान में आमतौर पर अप्रैल के महीने में जहां सूखी गर्मी और लू का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार हालात कुछ अलग हैं. मार्च में हुई लगातार ओलावृष्टि और बारिश के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को ज्यादा परेशान कर रही है.
राजधानी जयपुर में बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. तापमान सामान्य के आसपास होने के बावजूद उमस के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है.

अगले कुछ दिनों का मौसम अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम शुष्क रहने वाला है. इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है और कई शहरों में पारा 41 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. 23 से 25 अप्रैल के बीच कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना भी जताई गई है. वहीं, 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने के आसार हैं.

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, बारिश और ओलों के कारण मिट्टी में जमा नमी अब तेज धूप के चलते बाहर आ रही है. इसी वजह से वातावरण में आर्द्रता 50 से 60 प्रतिशत तक बनी हुई है, जो उमस भरी गर्मी का मुख्य कारण बन रही है.

पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर असर
इस बदलते मौसम पैटर्न का असर अब केवल लोगों की दिनचर्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजस्थान के पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. जहां आम दिनों में जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे पर्यटन स्थलों पर दिन-रात पर्यटकों की भीड़ रहती थी, वहीं अब गर्मी के कारण इन स्थानों पर सन्नाटा नजर आने लगा है. खासकर प्री-वेडिंग शूट के लिए मशहूर लोकेशनों पर भी लोगों की संख्या में भारी कमी आई है.

तेज धूप और उमस के चलते पर्यटक दिन के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग से जुड़े गाइड्स, टैक्सी ड्राइवर, होटल और स्थानीय दुकानदारों की आय पर सीधा असर पड़ा है. वहीं, पर्यटन स्थलों के आसपास लगे फूड स्टॉल्स और छोटे व्यापारियों की बिक्री भी घट गई है.

कुछ कारोबारियों के लिए बढ़ा मौका
गर्मी ने कुछ व्यवसायों के लिए अवसर भी पैदा किए हैं. शहरों में जूस की दुकानों, आइसक्रीम पार्लर और ठंडे पेय पदार्थ बेचने वाले स्टॉल्स पर भारी भीड़ देखी जा रही है. तरबूज, खरबूजा, गन्ने का रस, नींबू पानी और ठंडी लस्सी की मांग अचानक बढ़ गई है. कई दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार उनकी बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है.

डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टरों ने भी इस बदलते मौसम और बढ़ती उमस को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए, खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच.

शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है. इसके अलावा ORS, नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन करना चाहिए.

डॉक्टर हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को ठंडक मिल सके. बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि वे हीटवेव के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं.

 

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