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Delhi BJP Government: राजधानी दिल्ली में प्रॉपर्टी के सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही रेखा गुप्ता सरकार

रेखा गुप्ता की सरकार राजधानी दिल्ली में प्रॉपर्टी के सर्कल रेट बढ़ाने पर विचार कर रही है. ए से एच तक सभी श्रेणियों में दरों की व्यापक समीक्षा की जा रही है. कई वर्षों बाद यह पहला बड़ा और व्यवस्थित संशोधन माना जा रहा है.

CM Rekha Gupta (File Photo) CM Rekha Gupta (File Photo)

रेखा गुप्ता की सरकार राजधानी दिल्ली में प्रॉपर्टी के सर्कल रेट बढ़ाने पर विचार कर रही है. ए से एच तक सभी श्रेणियों में दरों की व्यापक समीक्षा की जा रही है. कई वर्षों बाद यह पहला बड़ा और व्यवस्थित संशोधन माना जा रहा है. प्रारंभिक आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, जहां प्रीमियम कॉलोनियों में सीमित बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, वहीं मध्यम और निम्न श्रेणी के इलाकों में अधिक वृद्धि की सिफारिश की गई है. अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक बाजार लेनदेन मौजूदा सर्कल रेट से काफी ऊपर हो रहे हैं. श्रेणी ‘ए’ में दर को 7.7 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 8.2 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर से अधिक करने का प्रस्ताव है. 

प्रॉपर्टी डेटा और फीडबैक के आधार पर तैयार प्रस्ताव
यह मसौदा स्टेकहोल्डर्स से मिले सुझाव, पिछले पांच वर्षों के प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन आंकड़ों और Municipal Corporation of Delhi की मूल्यांकन समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि Golf Links, Jor Bagh, Sundar Nagar और Vasant Vihar जैसी कॉलोनियों में सौदे मौजूदा सर्कल रेट से 20-30% अधिक पर हो रहे हैं. वहीं Prithviraj Road जैसे अति-प्रीमियम इलाकों में बाजार मूल्य 18 से 22 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुका है, जिससे ए+ श्रेणी बनाए जाने की मांग उठ रही है.

कुछ इलाकों में डाउनग्रेड की मांग
दूसरी ओर, New Friends Colony के निवासियों ने श्रेणी ‘ए’ से ‘बी’ में डाउनग्रेड करने की मांग की है. 121 लोगों की सामूहिक याचिका सहित करीब 70 सुझाव सरकार को भेजे गए हैं. निवासियों का दावा है कि पिछले पांच वर्षों में वास्तविक लेनदेन सर्कल रेट से 35-40% कम रहे हैं, जिससे सौदे प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने भीड़भाड़ और नागरिक सुविधाओं की चुनौतियों का भी हवाला दिया है. इसी तरह Kalindi Colony और Sukhdev Vihar के लोग भी पुनर्वर्गीकरण की मांग कर रहे हैं. 

अपग्रेड की भी उठी मांग
Defence Colony, Greater Kailash I, Greater Kailash II, Gulmohar Park, Niti Bagh और Panchsheel Park के संपत्ति मालिकों ने श्रेणी ‘बी’ से ‘ए’ में अपग्रेड की मांग रखी है. उनका तर्क है कि इन इलाकों का बुनियादी ढांचा और बाजार दरें कई अन्य ‘ए’ श्रेणी कॉलोनियों से बेहतर हैं.

श्रेणी ‘बी’ में 32% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव
सरकार ने श्रेणी ‘बी’ में कम से कम 32% वृद्धि का प्रस्ताव रखा है, जिससे दर 2,45,520 रुपए से बढ़कर 3,25,000 रुपए प्रति वर्ग मीटर हो सकती है. Hauz Khas, Green Park, Punjabi Bagh और Safdarjung Enclave में पुनर्विकास, बिल्डर फ्लोर और बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी के कारण बाजार दरें सर्कल रेट से 30-50% अधिक बताई जा रही हैं.

अन्य श्रेणियों में संभावित बदलाव
श्रेणी ‘सी’ की कॉलोनियों जैसे Janakpuri, Civil Lines, Vasant Kunj, Netaji Subhash Place, Chittaranjan Park और Malviya Nagar में दरें 2.2 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर तक बढ़ाने का प्रस्ताव है. वहीं एफ, जी और एच श्रेणियों में 8% से 29% तक वृद्धि का अनुमान है.

क्यों जरूरी है संशोधन?
अधिकारियों के मुताबिक, 2014 के बाद सर्कल रेट में बड़ा संशोधन नहीं हुआ. कई प्रीमियम इलाकों में दरें बाजार मूल्य से काफी कम हैं, जिससे सौदों में नकद भुगतान और स्टांप ड्यूटी के नुकसान की स्थिति बनती है. वहीं कुछ क्षेत्रों में सर्कल रेट वास्तविक बाजार मूल्य से अधिक है, जिन्हें तर्कसंगत बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बाजार को अस्थिर किए बिना दरों को युक्तिसंगत बनाना, राजस्व बढ़ाना और वास्तविक व अधिसूचित मूल्यों के बीच अंतर कम करना है. सार्वजनिक सुझावों की समीक्षा के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा.

(सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)