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Rules Changing From 1st September 2026: 1 सितंबर से बदल गए एलपीजी, कार, दूध और ऑटो-टैक्सी किराए से जुड़े 7 बड़े नियम, जानें अपनी जेब पर असर

1 सितंबर 2026 से एलपीजी की नई कीमतें, टाटा व हुंडई कारों में बढ़ोतरी, मुंबई में तबेले के दूध व ऑटो-टैक्सी किराए में वृद्धि जैसे 7 बड़े बदलाव लागू हो गए हैं. वहीं बिना मुहर इमिग्रेशन से हवाई यात्रियों को राहत मिली है.

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1 सितंबर से बदल रहे ये 7 रुल 1 सितंबर से बदल रहे ये 7 रुल

अगस्त का महीना खत्म हो चुका है और सितंबर की शुरुआत के साथ कई ऐसे बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ने वाला है. कहीं रसोई से जुड़ा खर्च बढ़ने वाला है तो कहीं कार खरीदना आम जनता के लिए महंगा पड़ेगा. टाटा मोटर्स ने अपनी सभी वैरिएंट की कारों और एसयूवी की कीमतें 25 हजार रुपये तक बढ़ाने का फैसला किया है. वहीं हुंडई ने भी अपनी कारें महंगी करने का ऐलान कर दिया है. 

न केवल कारों पर बल्कि मुंबई में तबेले वाले खुले दूध के दाम में 9 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. NCR के फरीदाबाद में आज से प्रॉपर्टी टैक्स और सीवर पानी बिल का बोझ बढ़ जाएगा. नॉन-ऑडिट बिजनेस और प्रोफेशनल्‍स के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न की डेडलाइन खत्‍म हो गया है. आज से जुर्माना लगेगा. एलपीजी ई-केवाईसी की डेडलाइन एलपीजी ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी की डेडलाइन 31 अगस्त 2026 थी. ऐसे में जिन ग्राहकों ने कल तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, उन्हें आज से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. आज से मुबंई में ही ऑटो का किराया 1 रुपया और टैक्सी का किराया 2 रुपया तक बढ़ने वाला है. वहीं, विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरा बदलाव भी हुआ है. आज 1 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान अपने बोर्डिंग पास पर स्‍टांप यानी मुहर लगवाने की जरूरत नहीं होगी. आइए जानते हैं 1 सितंबर से क्या-क्या बदला देशभर में हुआ है.

1. LPG सिलेंडर की नई कीमतें जारी
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करती हैं. ऐसे में 1 सितंबर को भी एलपीजी की संशोधित कीमतें जारी की गई हैं और इसमें होने वाला बदलाव सीधे रसोई के बजट पर असर डालता है. अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 202 रुपये की कटौती की गई थी, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव नहीं हुआ था.

2. LPG e-KYC की डेडलाइन खत्म
एलपीजी ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी की डेडलाइन 31 अगस्त 2026 थी. जिन ग्राहकों ने तय समय तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें 1 सितंबर से परेशानी हो सकती है. ई-केवाईसी नहीं कराने पर कुछ मामलों में एलपीजी महंगी मिलने या सिलेंडर लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

3. Tata और Hyundai की कारें महंगी
अगर आप सितंबर में नई कार या एसयूवी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो सोच लें. इसका असर आपकी जेब पर बोझ डाल सकता है. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने 1 सितंबर से अपनी कारों और एसयूवी की कीमतों में 25 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल यानी आईसीई मॉडल के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू है. वहीं, हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस साल कारों की कीमत में तीसरी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है.

4. मुंबई में तबेले वाला दूध हुआ महंगा
मुंबई में 1 सितंबर से पैकेट वाले दूध की कीमत नहीं, बल्कि तबेले से मिलने वाला दूध महंगा हुआ है. इसकी कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद 93 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला दूध अब 102 रुपये प्रति लीटर हो गया है. दूध कारोबारियों के मुताबिक, पशुओं की लागत, चारे और दूसरे खर्च बढ़ने की वजह से यह कीमत बढ़ाई गई है.

5. विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर राहत
1 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया में बदलाव हुआ है. अब विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर अपने बोर्डिंग पास पर मुहर यानी स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी. यात्री मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरा किया जा सकता है.

6. फरीदाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स और सीवर-पानी बिल बदले
एनसीआर के फरीदाबाद में 1 सितंबर से प्रॉपर्टी टैक्स और सीवर-पानी बिल का बोझ बढ़ा है. नई व्यवस्था के तहत प्रॉपर्टी टैक्स की गणना कलेक्टर रेट के आधार पर की जाएगी, जिससे लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है.

7. मुंबई में ऑटो-टैक्सी का सफर महंगा
मुंबई महानगर क्षेत्र में 1 सितंबर से ऑटो और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया बढ़ गया है. ऑटो का न्यूनतम किराया 1 रुपये बढ़कर 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 2 रुपये बढ़कर 33 रुपये हो गया है. नई दरें मुंबई के साथ आसपास के महानगरीय क्षेत्र में भी लागू हैं.

एक और जरूरी बदलाव: ITR की डेडलाइन
गैर-ऑडिट वाले कारोबार और पेशे से जुड़े कुछ करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 थी. इनमें निर्धारित मामलों में ITR-3, ITR-4, ITR-5 और ITR-7 दाखिल करने वाले करदाता शामिल हैं. डेडलाइन निकलने के बाद लागू नियमों के मुताबिक देर से रिटर्न दाखिल करना होगा और कुछ संबंधित मामलों में जुर्माना भी लग सकता है.
 

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