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Sadbhavana Diwas 2022: सद्भावना दिवस आज, जानें आखिर क्यों मनाया जाता है इसे देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर

Sadbhavana Diwas 2022: हर साल 20 अगस्त को देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती मनाई जाती है. देश भर में इस दिन को सद्भावना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. इतना ही नहीं बल्कि 20 अगस्त को सद्भावना दिवस मनाते हुए देश भर के लोगों द्वारा एक शपथ भी ली जाती है.

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Former Prime Minister Rajiv Gandhi Former Prime Minister Rajiv Gandhi
हाइलाइट्स
  • देश को आगे बढ़ाने में दिया बड़ा योगदान 

  • राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार

भारत के पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त को 'सद्भावना दिवस' या सद्भाव दिवस के रूप में मनाई जाती है. ये दिन यानि सद्भावना दिवस सभी भारतीयों के बीच शांति, राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है. सद्भावना दिवस राजीव गांधी के एक विकसित राष्ट्र के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है, जिसे उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया.

सद्भावना दिवस का इतिहास

दरअसल, हर साल 20 अगस्त को यह दिन भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती की याद में मनाया जाता है. बताते चलें कि राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे. सद्भावना दिवस पर हर साल उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है. पूर्व पीएम राजीव गांधी सन् 1991 की मई में तमिलनाडु के श्रीपेरुमबुदुर में चुनाव का प्रचार करने के लिए गए थे जहां उनकी हत्या कर दी गई थी. उनकी मृत्यु के एक साल बाद 1992 में राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार की स्थापना की गई.   

शिक्षा के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में दिया बड़ा योगदान 

भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में अपना विशेष योगदान दिया. साल 1986 में, राजीव गांधी ने भारत में उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए शिक्षा पर एक राष्ट्रीय नीति की घोषणा की थी. इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने समाज के ग्रामीण वर्ग के उत्थान के लिए 1986 में जवाहर नवोदय विद्यालय प्रणाली नामक एक केंद्र सरकार-आधारित संस्था शुरू की थी, जिसके तहत कक्षा 6 से 12 तक मुफ्त आवासीय शिक्षा प्रदान की जाती है.

इसके अलावा वो राजीव गगांधी ही थे जिनके प्रयासों से 1986 में एमटीएनएल की शुरुआत हुई. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन की पहुंच बढ़ाने के लिए पब्लिक कॉल ऑफिस (पीसीओ) भी बनाए. 

राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार

गौरतलब है कि राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधान मंत्री बने जब उन्होंने 40 वर्ष की आयु में पद ग्रहण किया था.  1992 में, राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार नेता की स्मृति में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा पेश किया गया था. यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए अपना जीवन व्यतीत किया है. पुरस्कार के एक हिस्से के रूप में लोगों को एक प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाता है.