Saharanpur News (AI MADE IMAGE)
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सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद मलबा हटाने के दौरान एक प्राचीन कुआं मिलने का मामला सामने आया है. कुआं मिलने के बाद शिकायतकर्ता और बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने प्रशासन से इसकी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि कुआं कितना पुराना है और उसका ऐतिहासिक महत्व क्या है, इसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए. विकास त्यागी ने बताया कि उन्हें कुएं के मिलने की जानकारी लोगों के माध्यम से मिली. इसके अलावा कुएं से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. उनका कहना है कि जब वहां से मलबा हटाया जा रहा था, तभी यह प्राचीन कुआं सामने आया. उन्होंने जिला प्रशासन से मौके पर ASI की टीम बुलाने की मांग की है. साथ ही कुएं की उम्र और उसकी ऐतिहासिक स्थिति की जांच कराने को कहा है.
पूरे परिसर का सर्वे और वीडियोग्राफी कराने की मांग
विकास त्यागी ने प्रशासन से पूरे परिसर का सर्वे कराने और उसकी वीडियोग्राफी कराने की भी मांग रखी है. उनका कहना है कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि कुआं कितना पुराना है और वह इस स्थान पर कैसे मौजूद था. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद पक्ष इसे कई सौ साल पुरानी मस्जिद बता रहा था, तो उसके नीचे से मिला कुआं कितना पुराना है और वह वहां कैसे मौजूद था. उनका कहना है कि इस पूरे मामले की जांच तथ्यों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए.
कुएं को लेकर धार्मिक मान्यताओं का दिया हवाला
विकास त्यागी ने हिंदू धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू धर्म में कुएं को पूजनीय माना जाता है. उनके मुताबिक, जहां कुआं होता है, वहां देवस्थल होने की संभावना भी मानी जाती है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले से शक था कि इस स्थान पर किसी पुराने धार्मिक स्थल को हटाकर अतिक्रमण किया गया हो सकता है. अब कुआं मिलने के बाद उन्होंने कहा कि इस शक को जांच के जरिए स्पष्ट किया जाना चाहिए.
जांच के बाद सामने आए सच्चाई
विकास त्यागी का कहना है कि जब मस्जिद का निर्माण किया गया होगा, तब वहां कोई देवस्थल रहा होगा और संभव है कि उस दौरान देवस्थान या मूर्तियों को हटाया गया हो. उन्होंने इसी आधार पर वहां अतिक्रमण करके मस्जिद बनाए जाने का शक जताया. हालांकि, उन्होंने कहा कि अब कुआं मिलने के बाद उनके इस शक की पुष्टि जांच के जरिए होनी चाहिए. उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे परिसर की निष्पक्ष जांच कराने और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाने की मांग की है.
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