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कांवड़ यात्रा से पहले सख्ती, डीजे की पेन ड्राइव तक होगी जांच, 12 फीट से ऊंचे डीजे पर पूरी तरह रोक... जान लें नए नियम!

कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे ट्रकों और वाहनों की ऊंचाई शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही रखनी होगी. प्रशासन की ओर से तय मानकों से अधिक ऊंचाई वाले डीजे वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही डीजे की चौड़ाई भी वाहन के आकार के अनुसार ही होगी और किसी प्रकार का अतिरिक्त फैब्रिकेशन नहीं किया जाएगा.

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सहारनपुर में श्रावण मास कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में डीजे संचालकों और शिविर आयोजकों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में सहारनपुर के अलावा हरियाणा के यमुनानगर और करनाल सहित आसपास के जिलों से आए डीजे संचालकों, निर्माताओं और कांवड़ शिविर आयोजकों ने हिस्सा लिया. अधिकारियों ने शासन की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी है.

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे ट्रकों और वाहनों की ऊंचाई शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही रखनी होगी. प्रशासन की ओर से तय मानकों से अधिक ऊंचाई वाले डीजे वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही डीजे की चौड़ाई भी वाहन के आकार के अनुसार ही होगी और किसी प्रकार का अतिरिक्त फैब्रिकेशन नहीं किया जाएगा. बाइक को मॉडिफाई करने और बिना साइलेंसर के चलाने पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई.

पेन ड्राइव करानी पड़ेगी चेक
प्रशासन ने निर्देश दिया कि डीजे में बजाए जाने वाले सभी गानों और भजनों की पेन ड्राइव पहले संबंधित थाना प्रभारी को जमा करनी होगी. पुलिस द्वारा गानों की जांच और अनुमति मिलने के बाद ही उन्हें यात्रा के दौरान बजाया जा सकेगा. अधिकारियों ने कहा कि किसी भी हालत में ऐसे गाने नहीं बजने दिए जाएंगे, जिनसे सामाजिक सौहार्द बिगड़े या किसी वर्ग की भावनाएं आहत हों। शिविरों और डीजे में केवल धार्मिक और भक्ति गीत ही बजाने की अनुमति होगी.

प्रत्येक शिविर में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य
बैठक में कांवड़ शिविरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए. शिविर सड़क से कम से कम 25 मीटर की दूरी पर लगाए जाएंगे और कांवड़ रखने के लिए मजबूत लोहे, बांस या बल्लियों का इस्तेमाल करना होगा. प्रत्येक शिविर में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, वहीं रसोई क्षेत्र में भी कैमरे लगाए जाएंगे. इसके अलावा फायर सेफ्टी, प्राथमिक उपचार किट, शौचालय, विश्राम और पेयजल जैसी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.

शुद्ध शाकाहारी भोजन होना चाहिए
जिलाधिकारी ने आयोजकों से कहा कि बिजली कनेक्शन केवल विद्युत विभाग से ही लिया जाए और किसी भी स्थिति में बिजली के खंभों से अवैध कनेक्शन न किया जाए. शिविरों को बिजली के तारों और ट्रांसफार्मरों के नीचे लगाने पर पूरी तरह रोक रहेगी. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान भोजन और नाश्ते की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी होंगी तथा उसमें लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है. उन्होंने कहा कि कांवड़ियों और शिविर संचालकों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन हर संभव मदद करेगा. बैठक में डीजे की ऊंचाई, रूट, सुरक्षा और गानों को लेकर सभी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और सभी से इन नियमों का पालन करने की अपील की गई है.

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