मंदिर में मिला खजाना
मंदिर में मिला खजाना
झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 500 वर्ष पुराने एक प्राचीन शिव मंदिर के गर्भगृह से जमीन में दबा खजाना निकलने की चर्चाएं फैल गईं. देखते ही देखते मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई. हालात को देखते हुए पुलिस को मौके पर पहुंचकर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ी, वहीं पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई.
महाशिवरात्रि से पहले चल रहा था सौंदर्यीकरण कार्य
जानकारी के अनुसार, आगामी महाशिवरात्रि पर्व को लेकर प्राचीन शिव मंदिर में सौंदर्यीकरण और मरम्मत का कार्य चल रहा था. इसी दौरान मंदिर में कार्य कर रहे मजदूरों की नजर गर्भगृह के एक कोने में मौजूद लगभग चार फुट गहरे गड्ढे पर पड़ी. गड्ढे के भीतर कुछ टूटे हुए घड़े और पुरानी वस्तुएं दिखाई दीं. मजदूरों ने तत्काल इसकी सूचना मंदिर के पुजारी को दी.
अफवाह फैलते ही उमड़ी लोगों की भीड़
इसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई कि मंदिर के भीतर जमीन में दबा खजाना मिला है. अफवाह फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंच गए. स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए रक्सा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया. साथ ही उच्चाधिकारियों को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया.
पुरातत्व विभाग ने शुरू की विधिवत जांच
सूचना मिलने पर पुरातत्व विभाग की टीम को भी बुलाया गया. अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर विधिवत जांच शुरू की. खुदाई के दौरान दबे हुए मलबे को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया, जिसमें पुराने घड़ों के अवशेष, ब्रिटिश कालीन सिक्के, सिंधिया राजघराने से जुड़े प्राचीन सिक्के और विभिन्न धातुओं की पुरानी वस्तुएं बरामद होने की पुष्टि हुई है. फिलहाल इन सभी वस्तुओं को सुरक्षित कर लिया गया है और उनकी ऐतिहासिक व पुरातात्विक जांच की जा रही है.
पुजारी ने बताई सुरंगनुमा संरचना की जानकारी
मंदिर के पुजारी मोहन गिरी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान किसी हिस्से में अचानक सुरंगनुमा स्थिति या पुरानी खुदाई के संकेत सामने आए. संभव है कि मजदूरों से अनजाने में जमीन के उस हिस्से में छेड़छाड़ हो गई, जिससे दबा हुआ पुराना ढांचा दिखाई देने लगा. उन्होंने कहा कि जो वस्तुएं सामने आई हैं, उनका स्वरूप बेहद प्राचीन प्रतीत होता है.
ब्रिटिश कालीन और सिंधिया काल के सिक्कों की पुष्टि
पुरातत्व विभाग की टीम इन सिक्कों को अपने साथ ले गई है. पुरातत्व विभाग के उप अधीक्षक समीर दीवान ने बताया कि ब्रिटिश कालीन और सिंधिया घराने के सिक्के मिले हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है. रासायनिक प्रक्रिया के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी.
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी ऐतिहासिक अहमियत
हालांकि इनकी वास्तविक ऐतिहासिक अहमियत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल मंदिर परिसर में पुलिस और प्रशासन की निगरानी बनी हुई है. पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि बरामद वस्तुएं किसी ऐतिहासिक खजाने का हिस्सा हैं या प्राचीन काल की धार्मिक संरचनाओं से जुड़ी सामग्री हैं. लेकिन इतना तय है कि 500 साल पुराने शिव मंदिर से जुड़ा यह रहस्य पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है.
(रिपोर्ट- अजय झा)