Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (सपा) ने असम के आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है. पार्टी की योजना कम से कम पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की है. बताया जा रहा है कि इस फैसले के पीछे सपा की वह रणनीति है, जिसके तहत वह भविष्य में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करना चाहती है. इस संबंध में पार्टी की ओर से जल्द ही आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है.
लोकसभा में तीसरे स्थान पर है सपा
लोकसभा में सीटों की संख्या के आधार पर समाजवादी पार्टी देश में तीसरे स्थान पर है. फिलहाल सपा के पास 37 लोकसभा सांसद हैं. हालांकि, इतने सांसद होने के बावजूद पार्टी को अभी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा नहीं मिला है. इसकी वजह यह है कि पार्टी का प्रभाव मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश तक ही सीमित है और अन्य राज्यों में उसका विस्तार अभी बहुत ज्यादा नहीं हो पाया है. राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय किया जाता है.
राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए क्या हैं नियम
किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए कुछ तय मानकों को पूरा करना होता है. इन नियमों के अनुसार, किसी दल को लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कम से कम चार राज्यों में कुल वैध वोटों का 6 प्रतिशत प्राप्त करना होता है. इसके साथ ही लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना भी जरूरी है.
एक अन्य नियम के तहत, लोकसभा चुनाव में कम से कम तीन अलग-अलग राज्यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीतना भी आवश्यक माना जाता है. समाजवादी पार्टी के पास लोकसभा में इस मानक से ज्यादा सीटें जरूर हैं, लेकिन ये सभी सीटें लगभग उत्तर प्रदेश से ही आती हैं. यही वजह है कि पार्टी अभी राष्ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाई है.
यूपी के बाहर सीमित मौजूदगी
उत्तर प्रदेश के बाहर सपा की राजनीतिक मौजूदगी अभी सीमित है. फिलहाल महाराष्ट्र में पार्टी के दो विधायक हैं, जबकि गुजरात में एक विधायक जीत चुका है. हालांकि, इन राज्यों में यह संख्या इतनी नहीं है कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरा कर सके. इसी कारण सपा अभी भी राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त पार्टी के रूप में ही दर्ज है.
अखिलेश यादव का लक्ष्य पाना राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि उनका लक्ष्य पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाना है. इसी रणनीति के तहत पार्टी अब अन्य राज्यों में भी अपने संगठन और चुनावी मौजूदगी को बढ़ाने की कोशिश कर रही है. असम में चुनाव लड़ने का फैसला भी इसी योजना का हिस्सा माना जा रहा है.
मुस्लिम बहुल सीटों पर लड़ सकती है सपा
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी असम में मुस्लिम बहुल इलाकों की कम से कम पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. यह भी संभावना जताई जा रही है कि चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव खुद भी असम जाकर पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर सकते हैं. गौरतलब है कि असम में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सपा ने अभी से अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है.
(रिपोर्ट- सामर्थ्य)
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