Sambhal
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यूपी के संभल को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयासों के बीच संभल की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करके संवारा जा रहा है. इसी बीच खंडहर में तब्दील हो चुके ASI संरक्षित लगभग 400 वर्ष पुराने किले के मुख्य द्वार को राजस्थान और झांसी के कारीगरों ने एक साल के भीतर संवारकर ऐतिहासिकता को दोबारा खड़ा किया गया है. वही किले के मुख्य द्वार के जीर्णोद्धार के बाद पहुंचे डीएम और एसपी ने किले के मुख्य प्रवेश द्वार के पहरेदार कक्ष पर पहुंचकर किले के अंदर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर अवैध अतिक्रमण को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. वही प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किले को संवारने के साथ ही अब इस जगह पर शॉर्ट फिल्म और प्री वेडिंग शूट भी हो सकेंगे.
संभल में तीर्थों और कूपों के पुनर्जीवन के साथ-साथ एएसआई संरक्षित स्मारकों की बदहाली दूर करने पर भी काम किया जा रहा है. एक साल पहले प्रशासन और एएसआई टीम ने नौ संरक्षित इमारतों का सर्वे किया था, जिसमें मोहम्मदपुर सौंधन का किला भी शामिल था. उस समय किले का मुख्य द्वार जर्जर हालत में था और अंदर अवैध कब्जे के रूप में मकान बने हुए थे.
किले के अंदर बने अवैध मकानों को हटाने की योजना
इसके अलावा किले के कई हिस्सों में गोबर और कंडों का ढेर भी मिला था, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी. इसके बाद फरवरी 2025 में किले के संरक्षण का काम शुरू हुआ. 1645 ईस्वी में बने इस किले के मुख्य द्वार का 29 लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया. निर्माण में डस्ट, चूना, सुर्खी, बेलगिरी और गुड़ का उपयोग किया गया. अब मुख्य द्वार के पुनर्निर्माण के बाद प्रशासन किले के अंदर बने अवैध मकानों को हटाने की योजना बना रहा है. करीब 3600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस किले को अतिक्रमण मुक्त कर उसकी बाउंड्री वॉल और ऐतिहासिक स्वरूप को फिर से विकसित किया जाएगा. प्रभावित लोगों को सहमति के आधार पर दूसरी जगह बसाने की योजना है.
डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया के अनुसार, किले के प्रवेश द्वार का काम जून 2025 से शुरू होकर फरवरी 2026 में पूरा हुआ. अभी यह आंशिक कार्य है, लेकिन आगे बाउंड्री और गार्डन विकसित होने पर यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा. प्रशासन की योजना है कि यहां शॉर्ट फिल्म और प्री-वेडिंग शूट की अनुमति भी दी जाएगी. साथ ही सुरक्षा के लिए लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. संभल में कुल नौ एएसआई संरक्षित स्मारक हैं, जिनमें से एक विवादित और आठ अविवादित हैं. प्रशासन का मानना है कि छोटे प्रयासों से यह स्थल एक आकर्षक पर्यटन केंद्र बन सकता है.
रिपोर्टर: अभिनव माथुर
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