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Hoax Bomb Threats: Meta, X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सरकार की दो टूक, या तो झूठी बम धमकियां तेजी से हटाओ... या कार्रवाई के लिए तैयार रहो

मौजूदा प्रावधानों के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किसी अकाउंट पर पोस्ट की गई चीजों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं. लेकिन सरकार चाहती है कि वे इस तरह की झूठी धमकियों को पहचानकर उन्हें तेजी से हटाने की 'वाजिब कोशिश' करें.

The man had sent two bomb threat messages to Delhi airport. The man had sent two bomb threat messages to Delhi airport.
हाइलाइट्स
  • सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए जारी की एडवाइजरी

  • ऐसे मामलों में 72 घंटे के अंदर देनी होगी सूचना

भारत के इलेक्ट्रॉनिक और इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) मंत्रालय ने मेटा और एक्स जैसे सोशल मीडिया मंचों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि उन्हें बम धमाके की झूठी धमकी देने वाले पोस्ट 'तेजी से' हटाने के लिए 'पर्याप्त कोशिश' करनी होगी वरना सरकार उन्हें इनके लिए जिम्मेदार ठहरा सकती है.

दरअसल मंत्रालय ने यह एडवाइजरी भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी नियमों (IT Rules) के प्रावधानों के आधार पर दी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर ये प्लेटफॉर्म इन प्रावधानों का पालन नहीं करते हैं तो सरकार इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकती है.

क्या कहते हैं नियम?
मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किसी तीसरी पार्टी की ओर से पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराए जा सकते. लेकिन सरकार का कहना है कि अगर वे बम धमाकों से जुड़ी झूठी अफवाहों को रोकने की कोशिश नहीं करते, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. 

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आईटी मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "एयरलाइन से यात्रा करने वाले लोग और सुरक्षा एजेंसियां बम धमाकों की ऐसी झूठी धमकियों से प्रभावित हो रहे हैं. ये धमकियां एयरलाइन्स की आवाजाही में बाधाएं पैदा करती हैं. एयरलाइन्स को मिलने वाली इस तरह की झूठी धमकियां सार्वजनिक व्यवस्था और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं." 

बयान में कहा गया, "इस तरह की धमकियां बड़ी संख्या में नागरिकों को तो प्रभावित करती ही हैं, साथ ही देश की आर्थिक सुरक्षा को भी अस्थिर करती हैं. साथ ही यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रिट्वीट, रीशेयर, रिपोस्ट और फॉर्वर्ड जैसे ऑप्शन होने के कारण इस तरह की झूठी धमकियां बेकैद फैलती हैं." 

72 घंटे में देना होगा जवाब
मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि इस तरह की धमकियों के मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 72 घंटे के अंदर कानून एजेंसियों को सूचना देनी होगी. इस सप्ताह की शुरुआत में कोलकाता, भुवनेश्वर और झारसुगुड़ा हवाई अड्डों के अधिकारियों को कई उड़ानों में बम की मौजूदगी के बारे में धमकियां मिलीं. लेकिन बाद में ये अफवाह निकलीं. घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई. 

मानक प्रोटोकॉल के अनुसार, हवाईअड्डा परिसर की जांच की गई. एक अधिकारी ने कहा कि जिन विमानों का जिक्र खतरे में किया गया था, उन्हें भी आइसोलेशन बे में ले जाया गया और पूरी तरह से जांच की गई, लेकिन यह अफवाह निकली. 

पिछले 10 दिनों में एयर इंडिया, इंडिगो, विस्तारा, स्पाइसजेट और अन्य सहित 250 से ज्यादा उड़ानें 250 से ज्यादा फर्जी बम धमकियों से प्रभावित हुई हैं. इनमें से ज्यादातर धमकियां सोशल मीडिया के जरिए मिली हैं. इससे भारत के घरेलू विमानन उद्योग में उथल-पुथल मच गई है. यहां तक ​​कि होटलों और स्कूलों को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं.