kota runner narendra awasthi finishes comrades marathon
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दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित अल्ट्रा मैराथनों में शामिल इस प्रतियोगिता में अवस्थी ने 86 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण 'अप रन' को 9 घंटे 11 मिनट 54 सेकंड में पूरा किया. शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें रॉबर्ट मटशाली मेडल से सम्मानित किया गया, जो कॉमरेड्स मैराथन में ब्रॉन्ज मेडल से उच्च श्रेणी का सम्मान माना जाता है.
दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरिट्जबर्ग और डरबन शहरों के बीच आयोजित होने वाली इस मैराथन को विश्व की सबसे कठिन अल्ट्रा रेस में गिना जाता है. इस वर्ष प्रतिभागियों को लगभग 1750 मीटर की कठिन चढ़ाई का सामना करना पड़ा. दुनिया भर से हजारों धावक इस रेस में हिस्सा लेते हैं, जबकि इसे पूरा करना ही अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है.
तीसरी बार बने कॉमरेड्स मैराथन के फिनिशर
नरेंद्र अवस्थी इससे पहले वर्ष 2023 और 2025 में भी कॉमरेड्स मैराथन पूरी कर चुके हैं. इसके साथ ही वे अब तीन बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फिनिशर बन गए हैं और दो बार रॉबर्ट मटशाली मेडल जीतने का गौरव हासिल कर चुके हैं. अवस्थी ने बताया कि उनकी खेल यात्रा वर्ष 2017 में एक रनिंग इवेंट में भाग लेने के साथ शुरू हुई थी. लोगों से मिली सराहना और प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. इसके बाद उन्होंने एक रनिंग क्लब से जुड़कर नियमित रूप से रनिंग, साइक्लिंग, स्विमिंग और जिम प्रशिक्षण शुरू किया. लगातार अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के दम पर उन्होंने कई फुल मैराथन और अल्ट्रा मैराथनों में सफलता हासिल की.
आयरनमैन प्रतियोगिताओं में भी दिखाया दम
मैराथन के अलावा नरेंद्र अवस्थी जर्मनी के हैम्बर्ग में आयोजित प्रतिष्ठित आयरनमैन 140.6 प्रतियोगिता भी पूरी कर चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने दो बार आयरनमैन 70.3 दूरी भी पूरी की है. वर्ष 2019 में दिल्ली इंटरनेशनल ट्रायथलॉन में उन्होंने फुल आयरनमैन का खिताब हासिल किया था. इस प्रतियोगिता में उन्होंने 3.8 किलोमीटर स्विमिंग, 180 किलोमीटर साइक्लिंग और 42.2 किलोमीटर दौड़ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया था.
नरेंद्र अवस्थी की यह उपलब्धि न केवल कोटा बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है. उनकी सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं. आज वे युवा खिलाड़ियों और फिटनेस प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं.
(रिपोर्ट- चेतन गुर्जर)
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