Tele law service (Photo: Pexels)
Tele law service (Photo: Pexels)
कई बार ऐसा हालात बनते हैं, जहां हमें कानूनी सलाह की जरूरत होती है. लेकिन हम किसी वकील को नहीं जानते हैं, इसलिए दिक्कत का सामना करना पड़ता है. कई बार ऐसा होता है कि हमें वकील तो मिल जाता है, लेकिन उसकी फीस चुकाने के पैसे नहीं होते. ऐसे में हमें कानूनी सलाह की कमी के चलते मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. लेकिन अब इस तरह की समस्या से निजात मिल सकती है. अगर आपको किसी तरह की कानून सलाह की जरूरत है तो आपको वकील को कोई फीस देने की जरूरत नहीं है. भारत सरकार ने एक ऐसी सर्विस शुरू की है, जिसके तहत लोगों की मुफ्त की कानूनी सलाह दी जाती है. उसे टेली-लॉ सर्विस नाम दिया गया है. चलिए इसके बारे में बताते हैं.
क्या है टेली-लॉ सर्विस?
साल 2017 में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने एक डिजिटल पहल की थी. इसे कानून मंत्रालय और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने मिलकर लागू किया. इसका मकसद मुकदमा दायर करने से पहले सही कानूनी सलाह देना है. कोई भी इसका लाभ उठा सकता है. इसकी मदद से आप छोटे विवादों को बड़ा रूप लेने से बच सकते हैं.
इस सर्विस को ग्रामीण और कमजोर वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. जिन लोगों की वकीलों तक पहुंच नहीं है, वो भी प्रोफेशनल गाइडेंस ले सकते हैं. इस सर्विस का पूरा सिस्टम ऑनलाइन काम करता है.
कैसे ले सकते हैं कानूनी सलाह?
लोग इस सर्विस का लाभ आसानी से उठा सकते हैं. अगर आप गांव के रहने वाले हैं तो देशभर में मौजूद कॉमन सर्विस सेंटर्स यानी CSC सेंटर पर जा सकते हैं और इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. ये सेंटर लोगों को इस सर्विस से कनेक्ट करने में मदद करते हैं.
अगर आपके पास मोबाइल है तो आप Tele-Law Mobile App डाउनलोड कर सकते हैं और सीधे आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद आपको एक समय दिया जाएगा. उस समय में आप वकील के सामने अपनी समस्या रख सकते हैं. ये बातचीत अधिकतम 20 मिनट की हो सकती है. वकील आपको कानूनी सलाह देंगे. इसकी मदद से आप अपनी समस्या का समाधान तलाश सकते हैं.
इन मामलों में ले सकते हैं मदद-
सरकार की इस सर्विस का फायदा कई मामलों में उठाया जा सकता है. इसमें पारिवारिक कलह, तलाक, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, जमीन-जायदाद के झगड़े, एससी-एसटी अत्याचार, मजदूरी से जुड़े मामलों में कानूनी सलाह ले सकते हैं. ये सुविधा पूरी तरह से फ्री है.
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