CEC Gyanesh Kumar (Photo/PTI)
CEC Gyanesh Kumar (Photo/PTI)
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. कांग्रेस ने CEC पर गंभीर आरोप लगाए हैं. विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं. INDIA ब्लॉक की तरफ से लोकसभा और राज्यसभा में उनके खिलाफ प्रस्ताव का नोटिस दिया जाएगा.
संविधान में है CEC के रिमूवल का जिक्र-
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की सेवा शर्तों और उनको पद से हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 324(5) में व्यवस्था की गई है. आपको बता दें कि संविधान में महाभियोग का जिक्र सिर्फ राष्ट्रपति को हटाने के लिए किया गया है. इसका जिक्र अनुच्छेद 61 में है. मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए रिमूवल के प्रोसेस का जिक्र है. हालांकि संसद के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जाता है तो आम बोलचाल की भाषा में इसे महाभियोग कह दिया जाता है.
कैसे हटाए जा सकते हैं CEC-
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाता है. लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों का सिग्नेचर के साथ प्रस्ताव पेश किया जाना जरूरी है. जबकि राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों का सिग्नेचर जरूरी है. लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को इस प्रस्ताव को स्वीकार करने या खारिज करने का अधिकार है.
कमेटी करती है जांच-
जब प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है तो उसके बाद 3 सदस्यीय जांच समिति बनाई जाती है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के एक जज, किसी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और एक प्रतिष्ठित जूरिस्ट शामिल होते हैं. अगर समिति मुख्य चुनाव आयुक्त को दोषी पाती है, उसके बाद संसद में इस प्रस्ताव पर चर्चा होती है.
हटाने के लिए कितने सांसदों की जरूरत?
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में विशेष बहुमत की जरूरत होती है. उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का 2/3 बहुमत होना चाहिए. हटाने के लिए दोनों सदनों को एक ही सत्र में पास कराना जरूरी होता है. जब संसद से ये प्रस्ताव पास हो जाता है तो इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है. इसके बाद राष्ट्रपति हटाने का आदेश जारी करते हैं.
चुनाव आयुक्तों को कैसे हटाते हैं?
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव पास कराना होता है. लेकिन चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा कुछ नहीं करना पड़ता है. संविधान के अनुच्छेद 324(5) में चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश की जरूरत होती है. अगर CEC राष्ट्रपति से सिफारिश कर दें तो चुनाव आयुक्तों को हटाया जा सकता है. चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए संसद की इजाजत की जरूरत नहीं है.
किस आधार पर हटाए जा सकते हैं CEC-
मुख्य चुनाव आयुक्त को बिना किसी आधार के नहीं हटा सकते हैं. CEC को हटाने के लिए संविधान में 2 आधारों का जिक्र है. ये साबित करना होगा कि CEC ने पद का दुरुपयोग किया है या पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है. इसके अलावा मानसिक या शारीरिक रूप से पद के दायित्व निभाने में असमर्थ भी हटाने का आधार हो सकता है.
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