
Camp Organised For Mukhyamantri Sehat Yojna Card
Camp Organised For Mukhyamantri Sehat Yojna Card
पटियाला स्थित पीआरटीसी मुख्य कार्यालय में आयोजित दो दिवसीय सेहत कैंप के माध्यम से पंजाब के परिवहन क्षेत्र के कर्मचारियों को सीधे मुख्यमंत्री सेहत योजना के दायरे में लाया गया. भगवंत मान सरकार ने इस पहल के ज़रिए राज्य के लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित वर्कर्स के लिए स्वास्थ्य सुविधा की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया.
बस चालक, ऑटो रिक्शा चालक, टैक्सी कर्मी और उनके परिवारों का मौके पर ही रजिस्ट्रेशन किया गया. जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि पंजाब के ये कर्मचारी अब समय पर मिलने वाली और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहें. साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड दिया गया.
क्या फायदा है कार्ड का?
सेहत कार्ड हर परिवार को हर साल ₹10 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करता है, जिससे उन कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है जो इनकम रेगुलर नहीं, साथ ही कार्य के लंबे घंटे और अपने पेशे की शारीरिक चुनौतियों के कारण उपचार समय पर नहीं करवा पाते.
परिवार कभी भी करा पाएगा इलाज
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह जी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जी की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत परिवहन कर्मियों को शामिल करना एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि वे लगातार यात्रा में रहते हैं और अक्सर उपचार में देरी कर देते हैं. इस कवरेज के साथ अब वे और उनके परिवार बिना किसी हिचकिचाहट के उपचार पा सकते हैं, यह जानते हुए कि आवश्यकता के समय प्रशासन उनके साथ है.

कैंप के जरिए आसानी के बन पाया कार्ड
पीआरटीसी के चेयरमैन हरपाल जुनेजा जी ने कहा कि हमारे परिवहन कर्मचारी पंजाब को जोड़कर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है. यह कैंप प्रक्रिया को सरल बनाता है और उन्हें तथा उनके परिवारों को बिना कार्य में बाधा डाले योजना के दायरे में आने का अवसर देता है.

जारी किए जा चुकें है लाखों कार्ड
यह पहल पूरे पंजाब में तेज़ी से विस्तार कर रही मुख्यमंत्री सेहत योजना की प्रगति को और मज़बूत करती है. अब तक 30 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और विभिन्न जिलों में प्रतिदिन 50,000 से अधिक निवासी पंजीकरण कर रहे हैं. पंजाब सरकार ने 2026–27 के बजट में ₹2,000 करोड़ के प्रावधान के साथ इस कार्यक्रम की पहुंच और क्षमता को और सुदृढ़ किया है.