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Railway Budget 2026 में बड़ा एलान, देशभर में 7 बुलेट ट्रेन रूट, वंदे भारत स्लीपर का होगा विस्तार

Budget 2026: वित्त मंत्री ने बताया कि देश में यात्री परिवहन को पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ बनाने के लिए सात नए हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर शहरों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ ‘ग्रोथ कलेक्टर’ के रूप में काम करेंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

Railway Budget 2026 Railway Budget 2026

Railway Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए यूनियन बजट 2026 में भारतीय रेलवे के लिए कई अहम और दूरगामी घोषणाएं की. अपने भाषण में वित्त मंत्री ने रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और आधुनिक यात्री परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करने पर जोर दिया. बजट में हाई-स्पीड रेल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, आम यात्रियों के लिए अमृत भारत ट्रेन और रेलवे सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता दी गई.

वित्त मंत्री ने बताया कि देश में यात्री परिवहन को पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ बनाने के लिए सात नए हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर शहरों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ ‘ग्रोथ कलेक्टर’ के रूप में काम करेंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. फिलहाल भारत में कोई भी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पूरी तरह से चालू नहीं है. देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अहमदाबाद-मुंबई के बीच निर्माणाधीन है. इस कॉरिडोर का गुजरात वाला पहला चरण वर्ष 2027 तक चालू होने की उम्मीद है.

बुनियादी ढांचे पर लगातार निवेश
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे नए वित्तीय साधनों का भी उपयोग किया गया है. उन्होंने बताया कि सरकार अब उन शहरों पर विशेष ध्यान देगी जिनकी आबादी पांच लाख से अधिक है, यानी टियर-2 और टियर-3 शहर, जो तेजी से विकास केंद्र बनते जा रहे हैं.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का विस्तार
इस साल की शुरुआत में भारतीय रेलवे ने गुवाहाटी-हावड़ा के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की है. यह सेमी हाई-स्पीड ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है और रात की यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदलने का लक्ष्य रखती है. रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में राजधानी और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से भी बेहतर सुविधाएं दी गई हैं. इनमें आरामदायक गद्देदार बर्थ, नए डिजाइन की सीढ़ियां, दिव्यांग यात्रियों के अनुकूल सुविधाएं, तेज और झटके रहित यात्रा जैसी खूबियां शामिल हैं. आने वाले सालों में सैकड़ों वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की जाएगी.
बता दें कि, दिसंबर 2025 तक वंदे भारत चेयर कार संस्करण की कुल 164 सेवाएं देशभर में चल रही हैं.

आम यात्रियों के लिए अमृत भारत ट्रेन
अमृत भारत ट्रेनें पुश-पुल तकनीक पर आधारित हैं, जिनमें दोनों सिरों पर इंजन लगे होते हैं, जिससे गति और संचालन बेहतर होता है. ये ट्रेनें खासतौर पर आम यात्रियों के लिए तैयार की गई हैं. फिलहाल ये पूरी तरह नॉन-एसी हैं, जिनमें 12 स्लीपर और 8 जनरल कोच होते हैं. भविष्य में इनमें एसी कोच जोड़ने की भी योजना है. बजट में नई अमृत भारत ट्रेनों की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है.

सुरक्षा पर जोर: कवच प्रणाली
रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में ‘कवच’ सिस्टम को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. हाल ही में 472.3 रूट किलोमीटर पर कवच वर्जन 4.0 को कमीशन किया गया है. यह स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का सबसे उन्नत संस्करण है. कवच सिस्टम माइक्रोप्रोसेसर, जीपीएस और रेडियो कम्युनिकेशन तकनीक पर आधारित है. यह एक ही ट्रैक पर दूसरी ट्रेन होने की स्थिति में लोको पायलट को अलर्ट करता है और जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा देता है. सुरक्षा को देखते हुए बजट भाषण में कवच के विस्तार का भी जिक्र किया जा सकता है.

कुल मिलाकर रेलवे बजट 2026 में आधुनिक तकनीक, तेज रफ्तार, यात्री सुविधा और सुरक्षा को केंद्र में रखा गया है, जो भारतीय रेलवे को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है.

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