कांवड़ ले जाने वाले बॉबी निंगुआ
कांवड़ ले जाने वाले बॉबी निंगुआ
कासगंज में आस्था और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां 131 मीटर लंबी हनुमान की पूंछ वाली कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही. रविवार को सोरोंजी के लहरा गंगाघाट पर फिरोजाबाद जिले के गांव नाउआ से करीब 40 शिवभक्त कांवड़ लेकर पहुंचे. गंगाघाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गंगाजल कांवड़ में भरा. इस विशाल कांवड़ को खास बनाने वाली बात यह थी की एक कांवड़िया हनुमान के सबरूप में था और उसकी लम्बी पूंछ में गंगाजल भरा हुआ था जिसे 40 कांवड़िये वानर रूप में उठा कर चल रहे थे.
कांवड़ में शामिल शिवभक्त अलग-अलग धार्मिक पात्रों के स्वरूप में नजर आए. बॉबी निंगुआ हनुमान के वेश में रहे, जिनकी लम्बी पूंछ में गंगाजल भरा था जब कि उस लम्बी पूंछ को 40 शिवभक्त वानर के रूप में उठाकर चल रहे थे.जबकि नथुनी प्रसाद भगवान शिव और उदय जामवंत के स्वरूप में दिखाई दिए. इन सभी के स्वरूप ने यात्रा को खास बना दिया और रास्ते में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा.
गंगाघाट से गंगाजल लेकर जत्था सोरोंजी, प्रहलादपुर, गोराहा, भिटौना और कासगंज होते हुए फिरोजाबाद की ओर रवाना हुआ. विशाल कांवड़ को देखने के लिए रास्ते में जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटती रही. स्थानीय लोगों ने शिवभक्तों का स्वागत किया और पूरा यात्रा मार्ग बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा.
हनुमान का स्वरूप धारण करने वाले बॉबी निंगुआ ने बताया कि पहली बार सोरोंजी के लहरा गंगाघाट से गंगाजल लेने पहुंचे हैं. वह चाहते थे कि उनकी कांवड़ सबसे अनूठी और यूनीक हो इसी कारण उन्होंने हनुमान जी की थीम पर कांवड़ लाने का मान बनाया.
इस धार्मिक आस्था, भक्ति और आकर्षक स्वरूपों से सजी इस कांवड़ यात्रा में हनुमान जी की पूंछ के साथ 36 वर्ष के भोले शंकर थे जिनकी हाइट साढ़े तीन फुट की थी और वह कांवड़ यात्रा में वानर के स्वरूप में चल रहे थे. उन्होंने बताया कि ये उनके चाचा का आइडिया है.
यह अनूठी हनुमान की पूंछ वाली कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. ऐसी कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था को मजबूत करती है और युवाओं समेत आम लोगों को भी भक्ति से जोड़ने का संदेश देती है.
- देवेश पाल सिंह की रिपोर्ट