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योगी सरकार का सुशासन मॉडल, 16 साल बाद UP प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में निकली भर्ती, 130 दिन में पूरी हुई चयन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुशासन और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण सामने आया है. उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद समूह-'ख' के 40 पदों पर नियुक्तियां करके एक नया मानक स्थापित किया है.

YOGI GOVERNMENT SUSHASAN MODEL YOGI GOVERNMENT SUSHASAN MODEL
हाइलाइट्स
  • योगी सरकार का सुशासन मॉडल

  • UPPCB ने पारदर्शी भर्ती का नया कीर्तिमान स्थापित किया

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने करीब 16 साल बाद समूह-'ख' के पदों पर स्थायी भर्ती पूरी की है. बोर्ड ने कुल 40 पदों पर नियुक्तियां की हैं. इनमें 26 सहायक पर्यावरण अभियंता (Assistant Environmental Engineer) और 14 सहायक वैज्ञानिक अधिकारी (Assistant Scientific Officer) शामिल हैं. सरकार ने इसे पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया का उदाहरण बताया है.

सिर्फ 130 दिनों में पूरा हुआ पूरा चयन
इस भर्ती प्रक्रिया की सबसे खास बात इसकी रफ्तार रही. बोर्ड ने महज 130 दिनों में पूरी चयन प्रक्रिया पूरी कर ली. भर्ती का विज्ञापन 27 फरवरी 2026 को जारी किया गया था और 8 जुलाई 2026 को अंतिम परिणाम घोषित कर दिए गए. इतने कम समय में भर्ती पूरी होने को प्रशासनिक स्तर पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

IIT कानपुर ने निभाई अहम भूमिका
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर का सहयोग लिया गया. इसके लिए बोर्ड और IIT कानपुर के बीच एक समझौता (MoU) भी किया गया. परीक्षा और चयन प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग मिलने से पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ी.

रिटायर्ड जज की निगरानी में हुई पूरी प्रक्रिया
भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति का गठन किया गया. वहीं, इंटरव्यू के लिए चार अलग-अलग बोर्ड बनाए गए, ताकि सभी अभ्यर्थियों का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके. बोर्ड का कहना है कि पूरी प्रक्रिया तय नियमों के तहत और बिना किसी पक्षपात के पूरी की गई.

भर्ती नियमों में भी किए गए बदलाव
भर्ती शुरू करने से पहले 23 फरवरी 2026 को भर्ती नियमों में जरूरी संशोधन किए गए. इसके बाद नई व्यवस्था के तहत आवेदन, परीक्षा, इंटरव्यू और अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी की गई. बोर्ड का कहना है कि इन बदलावों से भर्ती प्रणाली पहले के मुकाबले अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है.

40 में से 18 चयनित अभ्यर्थी IIT से
इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी खास रही. बोर्ड के मुताबिक, 40 चयनित अभ्यर्थियों में से 18 IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई कर चुके हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि चयन प्रक्रिया में योग्य और प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को मौका मिला है.

बोर्ड की क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
करीब डेढ़ दशक बाद हुई इन नियुक्तियों से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तकनीकी और वैज्ञानिक क्षमता मजबूत होगी. नए अधिकारियों के आने से प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण निगरानी, उद्योगों की जांच और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि यह भर्ती न सिर्फ विभाग में खाली पदों को भरने का काम करेगी, बल्कि बोर्ड की कार्यप्रणाली को भी अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाएगी.

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