UP Division Plan
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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और एसबीएसपी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश के बंटवारे का शिगूफा फिर से छोड़ा है. राजभर ने दावा किया कि आने वाले समय में सूबे का 4 हिस्सों में बंटवारा तय है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिस दिन पूर्वांचल को अलग राज्य बनाया जाएगा, उसका पहला मुख्यमंत्री राजभर का बेटा ही बनेगा.
यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इससे पहले ओम प्रकाश राजभर का ये बयान सूबे के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज कर दी है.
पूर्व सीएम मायावती ने की थी पहल-
उत्तर प्रदेश के बंटवारे का मुद्दा काफी समय सियासी गलियारों में सुनाई देता रहा है. सबसे दमदार आवाज पश्चिमी यूपी से सुनाई देती है. इसकी एक कोशिश यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की तरफ से की जा चुकी है. साल 2011 में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में मायावती ने सूबे के बंटवारे का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराया था और केंद्र सरकार के पास भेजा था. चलिए आपको बताते हैं कि उस प्रस्ताव में बंटवारे के बाद किस राज्य में कौन सा इलाका आता.
4 हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव का था पारित-
मायावती सरकार के उस प्रस्ताव के मुताबिक उत्तर प्रदेश को 4 हिस्सों बांटना था. इसमें पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड शामिल है. 16 नवंबर 2011 को मायावती कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी. जबकि 21 नवंबर 2011 को विधानसभा ने पारित किया गया था. इसके बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा गया था.
किस राज्य में कितने जिले?
मायावती सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक पूर्वांचल में 32, पश्चिम प्रदेश में 22, अवध प्रदेश में 14 और बुंदेलखंड में 7 जिलों को रखा गया था.
पूर्वांचल में वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बस्ती, चंदौली, संत कबीर नगर, मिर्जापुर, सोनभद्र समेत 32 जिले शामिल हैं. जबकि पश्चिम प्रदेश में आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली समेत 22 जिलों को शामिल किया गया था. इसके साथ ही अवध प्रदेश में लखनऊ, देवीपाटन, कानपुर जैसे इलाके शामिल हैं. जबकि बुंदेलखंड में झांसी, बांदा, ललितपुर, महोबा, जालौन और चित्रकूट जैसे जिले शामिल हैं.
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