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उत्तर प्रदेश में ग्रामीण स्वच्छता के लिए मजबूत पहल, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत गांवों में विकसित की जा रही टिकाऊ स्वच्छता व्यवस्था

स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण से आगे बढ़कर टिकाऊ स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की दिशा में मजबूत प्रयास किया जा रहा है. इस मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी. उत्तर प्रदेश में इस योजना को ग्रामीण स्वच्छता और पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से लागू किया गया है.

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UP Swachh Bharat Mission UP Swachh Bharat Mission

स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) भारत सरकार की एक पहल है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और साफ-सफाई में सुधार के लिए राज्य सरकारों के सहयोग से लागू किया जाता है. इस मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी. शुरुआती चरण में इसका मुख्य फोकस शौचालय निर्माण, व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से खुले में शौच को खत्म करना था.

SBM-G के दूसरे चरण (Phase II) में खुले में शौच मुक्त (ODF) व्यवहार को बनाए रखने के साथ-साथ गांवों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन पर भी ध्यान बढ़ाया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई व्यक्ति स्वच्छता सुविधाओं से वंचित न रहे और ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ स्वच्छता व्यवस्था विकसित हो.

उत्तर प्रदेश में SBM-G

उत्तर प्रदेश में SBM-G को ग्रामीण स्वच्छता और पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से लागू किया गया है. इसके क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसमें स्वच्छता सुविधाओं का रखरखाव और कचरे के सुरक्षित प्रबंधन में सहयोग शामिल है.

उत्तर प्रदेश सरकार के 2025 के एक प्रकाशन के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत उत्तर प्रदेश को 100% खुले में शौच मुक्त (ODF) राज्य घोषित किया गया था. इसी प्रकाशन के अनुसार, 95,767 गांवों ने ठोस और तरल कचरा प्रबंधन प्रणालियों के साथ खुद को ODF घोषित किया था.

उसी प्रकाशन के अनुसार, मिशन के पहले चरण में उत्तर प्रदेश में 2.68 करोड़ व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण किया गया था. ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की भी जानकारी दी गई है.

ODF Plus की ओर बढ़ता फोकस-

दूसरे चरण के साथ कार्यक्रम का फोकस केवल शौचालयों की उपलब्धता तक सीमित नहीं रहा. अब खुले में शौच मुक्त व्यवहार को बनाए रखने के साथ ठोस कचरा प्रबंधन, ग्रे-वॉटर प्रबंधन और गांवों में समग्र स्वच्छता पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

जनवरी 2025 में प्रकाशित स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के आधिकारिक न्यूज़लेटर के अनुसार, दिसंबर 2024 की समीक्षा के समय उत्तर प्रदेश के 98% गांव ODF Plus थे और राज्य में SBM-G के क्रियान्वयन के लिए एक लाख से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया था.

इस तरह, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत प्रयास केवल स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता व्यवहार को बनाए रखने, गांवों में ठोस और तरल कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और स्वच्छ ग्रामीण वातावरण के लिए व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी केंद्रित हैं.

उत्तर प्रदेश में SBM-G ग्रामीण स्वच्छता को बुनियादी शौचालय सुविधाओं से आगे ले जाकर ODF व्यवहार को बनाए रखने और गांव स्तर पर ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में काम करता है.

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