Valley of Flowers Chamoli
Valley of Flowers Chamoli
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी इन दिनों अपने पूरे सुंदरता पर है. मानसून की बारिश के बाद घाटी रंग-बिरंगे फूलों और हरियाली की चादर से ढक चुकी है. प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं. इस बार पर्यटकों का ऐसा उत्साह देखने को मिला है कि केवल दो महीनों में ही पिछले पूरे सीजन का रिकॉर्ड टूट गया है. अभी घाटी करीब दो महीने और पर्यटकों के लिए खुली रहेगी, ऐसे में इस बार नया रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
दो महीनों में पहुंचे 16 हजार से ज्यादा पर्यटक
1 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक केवल दो महीनों में 16,462 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे. इनमें 16,376 भारतीय और 86 विदेशी पर्यटक शामिल हैं. इस अवधि में विभाग को 30,35,300 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. अगर पिछले सीजन से तुलना करें तो 1 जून 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक पूरे सीजन में 15,924 पर्यटक पहुंचे थे. इनमें 15,508 भारतीय और 416 विदेशी पर्यटक शामिल थे. उस समय विभाग को 33,28,050 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था. यानी इस वर्ष केवल दो महीनों में ही पिछले पूरे सीजन के पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड टूट चुका है.
15 जुलाई से 15 अगस्त तक रहता है मुख्य सीजन
फूलों की घाटी का मुख्य सीजन 15 जुलाई से 15 अगस्त तक माना जाता है. इसी दौरान यहां विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल पूरी तरह खिल जाते हैं, जिससे घाटी की खूबसूरती अपने चरम पर पहुंच जाती है. इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर प्रकृति के इस अद्भुत नजारे का आनंद ले रहे हैं. अभी अगस्त के अंत तक भी पर्यटकों का लगातार आना जारी रहने की संभावना है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार फूलों की घाटी पर्यटकों की संख्या का एक नया रिकॉर्ड बनाएगी. हालांकि इस वर्ष विदेशी पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है, लेकिन भारतीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह तैयार
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उपवन संरक्षक अभिमन्यु ने बताया कि इस वर्ष फूलों की घाटी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसे देखते हुए विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पहले से कर रखी हैं. उन्होंने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी या खराब मौसम की स्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें अस्थायी रूप से घाटी में जाने से रोका जाता है. जैसे ही मौसम सामान्य होता है, पर्यटकों के लिए प्रवेश दोबारा शुरू कर दिया जाता है. विभाग का कहना है कि सुरक्षा और व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखते हुए पर्यटकों को फूलों की घाटी का बेहतर अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है.