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Monsoon Forecast 2026: सामान्य से कम बारिश के संकेत, IMD ने जताई El Nino की आशंका

India Meteorological Department (IMD)के मुताबिक साल 2026 में मानसून को 'Below Normal' श्रेणी में रखा गया है और कम या सामान्य से कम बारिश की संभावना अधिक दिख रही है. आपको बता दें कि भारत में सामान्य मानसूनी बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है.

Monsoon Forecast 2026 (Photo/PTI) Monsoon Forecast 2026 (Photo/PTI)

देश में मानसून को लेकर अहम तस्वीर सामने आई है. India Meteorological Department (IMD) के ताजा लॉन्ग रेंज फोरकास्ट के मुताबिक साल 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है. अनुमान है कि जून से सितंबर के बीच देशभर में बारिश Long Period Average (LPA) का करीब 92% रह सकती है, जिसमें ±5% का मॉडल एरर संभव है. LPA, यानी 1971 से 2020 के औसत के आधार पर, भारत में सामान्य मानसूनी बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है. ऐसे में इस साल मानसून को 'Below Normal' श्रेणी में रखा गया है और कम या सामान्य से कम बारिश की संभावना अधिक दिख रही है.

महासागरों की स्थिति मानसून पर असर डालेगी- IMD
IMD ने यह भी साफ किया कि इस बार महासागरों की स्थिति मानसून पर बड़ा असर डाल सकती है. फिलहाल प्रशांत महासागर में कमजोर ला-नीना जैसे हालात हैं, जो धीरे-धीरे ENSO न्यूट्रल की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन मौसम मॉडल्स मानसून के दौरान El Nino बनने के संकेत दे रहे हैं. आमतौर पर अल नीनो भारत में बारिश को कमजोर करता है, जिससे मानसून पर दबाव बन सकता है. हालांकि, हिंद महासागर से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. अभी Indian Ocean Dipole (IOD) न्यूट्रल है, लेकिन मानसून के अंत तक इसके पॉजिटिव होने की संभावना जताई गई है, जो बारिश को कुछ हद तक सहारा दे सकता है और अल नीनो के असर को संतुलित कर सकता है.

कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना- IMD
IMD ने यह भी बताया कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच उत्तरी गोलार्ध में बर्फ का स्तर सामान्य से थोड़ा कम रहा है. वैज्ञानिकों के अनुसार बर्फ और मानसून के बीच उल्टा संबंध होता है, यानी बर्फ में कमी का असर मानसून की तीव्रता पर पड़ सकता है. क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना है, हालांकि नॉर्थईस्ट, नॉर्थवेस्ट और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या उससे बेहतर बारिश हो सकती है.

बारिश का पैटर्न कैसे तय होगा?
IMD ने यह पूर्वानुमान उन्नत मल्टी-मॉडल एन्सेम्बल (MME) और Monsoon Mission Climate Forecast System (MMCFS) जैसे आधुनिक मॉडल्स के आधार पर तैयार किया है. विभाग ने यह भी कहा है कि मई 2026 के आखिरी सप्ताह में अपडेटेड फोरकास्ट जारी किया जाएगा, जिससे मानसून की और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी. कुल मिलाकर इस साल मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं, लेकिन सामान्य से थोड़ा नीचे रहने के संकेत हैं, जहां El Nino और IOD के बीच संतुलन ही तय करेगा कि देश में बारिश का वास्तविक पैटर्न कैसा रहेगा.

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