Yamuna water level is rising
Yamuna water level is rising देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश जारी है. जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बादल फटने की खबर है और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं. गुजरात के राजकोट और गिर सोमनाथ जैसे कुछ शहरों में बाढ़ आ गई है, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले चार दिनों में पश्चिमी और मध्य भारत में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है.
महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री अनिल पाटिल ने कहा कि पिछले 10 दिनों में विदर्भ में बारिश से संबंधित घटनाओं के कारण राज्य में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है. कर्नाटक में मंगलवार से हो रही भारी बारिश और महाराष्ट्र से आ रहे पानी के कारण बेलगावी जिले में दो लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए.
खतरे के निशान से ऊपर बह रही है यमुना
बात दिल्ली एनसीआर की करें तो यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जिस कारण दिल्ली में पुराने लोहा पुल पर रेलवे की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है. यमुना का जल स्तर 206.4 मीटर तक बढ़ने के कारण, उत्तर रेलवे की घोषणा के अनुसार, पुराने यमुना पुल (ओल्ड लोहा पुल) का काम रविवार को 22.15 बजे से निलंबित कर दिया गया था. जिस कारण दिल्ली और शाहदरा के बीच मार्ग निलंबित कर दिया जाएगा.
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के आंकड़ों के अनुसार, जल स्तर शनिवार रात 10 बजे 205.02 मीटर से बढ़कर रविवार सुबह 9 बजे 205.96 मीटर हो गया और रात 9 बजे बढ़कर 206.42 मीटर हो गया. इसके अलावा, नोएडा में यमुना की सहायक नदी हिंडन नदी में भी शनिवार को जल स्तर में बढ़ोतरी देखी गई, जिसकी वजह से निचले इलाकों में कई घर जलमग्न हो गए.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रोड ब्लॉक
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में रविवार को बारिश की तीव्रता कम रही, लेकिन दोनों हिमालयी राज्यों के बड़े हिस्से यात्रा के लिए सीमा से बाहर रहे क्योंकि भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में लगभग 700 और उत्तराखंड में 330 सड़कें ब्लॉक हो गई हैं. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 25 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है.
दोनों राज्यों में प्रमुख नदियां, जैसे कि उत्तराखंड में गंगा और हिमाचल प्रदेश में सतलुज, उफान पर हैं. हिमाचल आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी का कहना है किअगले चार दिनों में ज्यादा बारिश की आशंका से स्थिति बिगड़ सकती है. वहीं, जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में बादल फटने की खबर है. कुपवाड़ा के मुख्य कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह ने मीडिया कहा कि कोई हताहत या क्षति नहीं हुई है.
गुजरात में जारी ऑरेन्ज अलर्ट
गुजरात में, जूनागढ़ जिले में रविवार को बाढ़ का पानी कम हो गया और अधिकारियों ने लगभग 3,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ट्रांसफर कर दिया. मौसम कार्यालय ने गुजरात के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहा कि राज्य में 24 जुलाई को "भारी से बहुत भारी बारिश" होने की उम्मीद है. अगले 24 घंटों में देवभूमि द्वारका, राजकोट, भावनगर और वलसाड जिलों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है.
राजस्थान में, दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी जिलों में मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि जोधपुर में भारी बारिश के कारण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर में जल जमाव हो गया. राज्य की राजधानी जयपुर में मौसम विभाग के निदेशक राधे श्याम शर्मा ने कहा, "मानसून अगले तीन से चार दिनों तक सक्रिय रहेगा, जिसके बाद यह कम हो जाएगा." पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश से लेकर पश्चिमी राजस्थान तक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके बाद राज्य में अच्छी बारिश हो रही है.
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण करीब 4,500 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. भारी बारिश के कारण होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए राज्य हाई अलर्ट पर है. अगले चार दिनों में राज्य में भारी बारिश की आशंका है.