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Weather Update: देश के ज्यादातर इलाकों में पहुंचा मॉनसून... दिल्लीवालों की दिल्ली अब भी सूखी... जानिए कब होगी बारिश

आईएमडी ने गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि कुछ इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है.

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Delhi Monsoon Update Delhi Monsoon Update

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को बताया कि मॉनसून उत्तरी अरब सागर, हिमाचल प्रदेश और जम्मू के शेष हिस्सों, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ तक पहुंच गया है. हालांकि, अब तक दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में मॉनसून की पहली बारिश नहीं हुई है. आईएमडी ने गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि कुछ इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है.

कई इलाकों में होगी बहुत भारी बारिश 
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, आंतरिक कर्नाटक, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सौराष्ट्र और कच्छ, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल और माहे, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.

गलत हुआ IMD का अनुमान 
दिल्ली इस वर्ष अब तक मॉनसून से अछूता एकमात्र राज्य/केंद्र शासित प्रदेश है. पहले मौसम विभाग ने 24 जून तक दिल्ली में मॉनसून की बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन यह अनुमान सही साबित नहीं हुआ. जबकि दिल्ली से लगे हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में मॉनसून सक्रिय हो चुका है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है. 

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गौरतलब है कि मॉनसून भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इस साल यह अपने सामान्य समय से आठ दिन पहले 24 मई को केरल पहुंच गया था, जबकि सामान्यत: मॉनसून केरल में 1 जून के आसपास पहुंचता है.

कब होगी दिल्ली में बारिश  
आईएमडी का कहना है कि अगले 36 घंटों में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी मॉनसून आगे बढ़ेगा, क्योंकि इसके लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है. सामान्यतः मॉनसून 15 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है.

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश का 51% कृषि क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है, जो कुल उत्पादन का करीब 40% हिस्सा देता है. साथ ही देश की 47% आबादी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर करती है, ऐसे में अच्छा मॉनसून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है.