Relay Attack
Relay Attack
अब लॉक तोड़कर या चाबी चुराकर कार की चोरी नहीं हो रही. हाईटेक गैंग नई तकनीक के जरिए घर के अंदर रखी कार की चाबी का सिग्नल कॉपी कर रहे हैं और कुछ ही सेकेंड में गाड़ी अनलॉक कर उसे लेकर फरार हो जा रहे हैं. क्या है कार चोरी का ये नया तरीका और इससे बचने के लिए लोग चाबी पर एल्यूमिनियम फॉइल में क्यों लपेट रहे हैं चलिए जानते हैं?
क्या है रिले अटैक?
रिले अटैक कार चोरी का एक हाईटेक तरीका है. इसमें चोर आपकी कार की 'की-फॉब' यानी वायरलेस चाबी से निकलने वाले रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल करते हैं. आजकल ज्यादातर नई कारों में कीलेस एंट्री सिस्टम होता है. यानी चाबी जेब में रखते हुए भी कार अनलॉक और स्टार्ट हो जाती है.
चोर खास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से चाबी के सिग्नल को पकड़ लेते हैं और उसे कार तक पहुंचा देते हैं. कार को लगता है कि असली चाबी पास में ही मौजूद है और वह तुरंत अनलॉक हो जाती है.
रिले अटैक कैसे किया जाता है?
इस चोरी को आमतौर पर दो लोग मिलकर अंजाम देते हैं. एक चोर घर के बाहर या मुख्य दरवाजे के पास खड़ा होता है. उसके पास सिग्नल पकड़ने और बढ़ाने वाला डिवाइस होता है. दूसरा चोर कार के पास खड़ा रहता है. जैसे ही घर के अंदर रखी कार की चाबी से रेडियो सिग्नल निकलता है, पहला डिवाइस उसे कैच कर लेता है. इसके बाद यह सिग्नल दूसरे डिवाइस तक पहुंचाया जाता है, जो कार के पास मौजूद होता है. कार का सिस्टम धोखा खा जाता है और उसे लगता है कि असली चाबी उसके पास ही है. इसके बाद कार अनलॉक हो जाती है और चोर आसानी से उसे स्टार्ट कर ले जाते हैं. पूरी प्रक्रिया में अक्सर कुछ सेकेंड ही लगते हैं और कई बार कार मालिक को चोरी का पता भी देर से चलता है.
कार की चाबी पर फॉइल क्यों लपेट रहे लोग?
रिले अटैक से बचने के लिए लोग अब कार की चाबी को एल्यूमिनियम फॉइल में लपेट रहे हैं. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तरीका रिले अटैक से बचाने में मदद कर सकता है. दरअसल, फॉइल रेडियो सिग्नल को ब्लॉक करने में मदद करती है. जब चाबी पूरी तरह फॉइल में ढकी रहती है, तो उससे निकलने वाले सिग्नल बाहर नहीं जा पाते. इससे चोरों के डिवाइस सिग्नल पकड़ नहीं पाते और रिले अटैक फेल हो सकता है.
इसे फैराडे केज तकनीक जैसा माना जाता है. यह नाम वैज्ञानिक माइकल फैराडे के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें धातु की परत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को रोकने का काम करती है.
बाजार में मिलते हैं खास पाउच भी
आजकल बाजार में फैराडे पाउच भी मिलते हैं, जिन्हें खासतौर पर कार की चाबी को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है. ये पाउच सिग्नल ब्लॉक करते हैं और रिले अटैक के खतरे को कम करते हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि तुरंत सुरक्षा के लिए साधारण एल्यूमिनियम फॉइल भी इस्तेमाल की जा सकती है.
किन कारों पर ज्यादा खतरा?
जिन कारों में कीलेस एंट्री और पुश-बटन स्टार्ट फीचर होता है, उनमें रिले अटैक का खतरा ज्यादा माना जाता है. कार की चाबी को दरवाजे या खिड़की के पास रखने से बचें. साथ ही रात में चाबी को सिग्नल-ब्लॉकिंग पाउच या फॉइल में रखना बेहतर हो सकता है.
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