scorecardresearch

Heat Insurance: क्या है हीट इंश्योरेंस? हीटवेव से हुई दिक्कत तो मिलेंगे पैसे, जानें सबकुछ

गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. इससे सेहत से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती है. अगर आप गर्मी के चलते अस्पताल में भर्ती होते हैं तो आर्थिक बोझ भी बढ़ता है. लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है. हीट इंश्योरेंस गर्मी से जुड़ा एक बीमा है, ये गर्मी बढ़ने से होने वाली दिक्कतों को लेकर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है.

Heat Insurance Heat Insurance

गर्मी का मौसम चल रहा है. ऐसे में गर्मी का असर भी बढ़ रहा है. भारत में ये गर्मी लंबी और खतरनाक भी होती है. कई इलाकों में हीटवेव भी चलती है. इसका असर सेहत के साथ आर्थिक क्षेत्र में भी पड़ता है. तेज तापमान के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है. इससे अनचाहा खर्च बढ़ जाता है. इसकी वजह से भारत में भी हीट इंश्योरेंस की चर्चा हो रही है.

क्या है हीट इंश्योरेंस?
गर्मी के मौसम में सेहत को लेकर चिंता बढ़ जाती है. अगर अस्पताल पहुंच गए तो आर्थिक जोखिम भी बढ़ जाता है. इस जोखिम से राहत के लिए हीट इंश्योरेंस की जरूरत होती है. भारत में हीट इंश्योरेंस का कॉन्सेप्ट खूब चर्चा में है. इसमें इंश्योरेंस के तहत अगर तापमान एक सीमा के पार चला जाता है और आपको उससे नुकसान होता है तो इसके इंश्योरेंस के तहत उसका कवर मिलता है. इसका मतलब है कि ये एक वित्तीय सुरक्षा कवच है, जो ज्यादा गर्मी या हीटवेव की हालत में आर्थिक मदद देता है.

बाकी हेल्थ इंश्योरेंस से कैसे अलग है हीट इंश्योरेंस?
हीट इंश्योरेंस आम हेल्थ इंश्योरेंस से काफी अलग है. आम हेल्थ बीमा के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर क्लेम मिलता है. जबकि हीट इंश्योरेंस पैरामीट्रिक मॉडल पर काम करता है. अगर किसी क्षेत्र में तापमान एक तय सीमा से ऊपर चला जाए और कुछ दिनों तक बना रहे तो आपको कवर मिल सकता है.

हीट इंश्योरेंस की क्यों है जरूरत?
भारत में गर्मी लगातार बढ़ रही है. पिछले कुछ सालों से कई हिस्सों में रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है. जिसका असर सेहत पर भी पड़ रहा है. ज्यादा गर्मी या हीटवेव से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

  • गंभीर डिहाइड्रेशन
  • हीट स्ट्रोक
  • थकान 
  • अस्पताल में भर्ती होने का खतरा
  • किडनी की समस्या
  • बिजली का खर्च बढ़ना

किसके लिए ज्यादा फायदेमंद?
हीट इंश्योरेंस का फायदा कोई भी उठा सकता है. हालांकि कुछ ऐसे लोग हैं, जो ज्यादातर धूप और गर्मी में काम करते हैं, उनके लिए ये काफी फायदेमंद है. चलिए आपको उनके बारे में बताते हैं.

  • किसान
  • निर्माण कामों में लगे मजदूर
  • डिलीवरी ब्वॉय
  • दिल, किडनी की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति
  • फैक्ट्री कर्मचारी
  • रेहड़ी-पटरी वाले

हीट इंश्योरेंस में क्या कवर होता है?
हीट इंश्योरेंस के तहत हीटवेव के असर वाली चीजें कवर होती है. हालांकि अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसी में अलग-अलग सुविधाएं हैं. लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं, जो कॉमन हैं. चलिए आपको उनके बारे में बताते हैं.

  • इमरजेंसी मेडिकल हेल्प
  • हीट स्ट्रोक से अस्पताल में भर्ती होने का खर्च
  • अगर काम नहीं मिलता है तो नुकसान की भरपाई
  • ज्यादा समय तक हीटवेव रहने पर मुआवजा
  • अस्थाई स्थान परिवर्तन का खर्च
  • अगर बिजनेस में नुकसान होता है तो उसकी भरपाई

इंश्योरेंस के लिए कितना खर्च करना पड़ेगा पैसा?
हीट इंश्योरेंस कराने के लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ता है. हीट प्रोटेक्शन प्लान कुछ सौ रुपए सालाना से शुरू हो सकते हैं. हालांकि ज्यादा जोखिम वाले काम करने वालों के लिए प्रीमियम ज्यादा हो सकता है. इसके साथ ही बीमा अवधि, जोखिम स्तर के आधार पर प्रीमियम अलग-अलग हो सकती है.

पॉलिसी खरीदते समय किन चीजों का ध्यान रखें?
अगर आप हीट इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ जरूरी चीजों का ध्यान रखना होगा. चलिए उसके बारे में बताते हैं.

  • तापमान को लेकर शर्तें
  • अस्पताल खर्च की सीमा
  • आय नुकसान का कवरेज
  • क्लेम सेटलमेंट नियम
  • पॉलिसी की अवधि
  • वेटिंग पीरियड

ये भी पढ़ें: