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देश में LPG की किल्लत? ब्लैक में बिक रहा गैस सिलेंडर, सरकार ने घरों के लिए बढ़ाया प्रोडक्शन पर होटल-रेस्तरां पर पड़ा असर, समझिए पूरी स्थिति

मिडिल ईस्ट में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के कारण एलपीजी की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी हुई है. 7 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई, जिससे दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत 913 रुपए हो गई.

Rationing LPG Cylinders Rationing LPG Cylinders

इजरायल, अमेरिका व ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रहे युद्ध का असर अब भारत के होटल इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है. बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई जैसे बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की शिकायत सामने आई है. गैस सप्लाई बाधित होने से कई होटलों और रेस्तरां के सामने संचालन बंद करने की नौबत आ गई है.

स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है. सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत को प्राथमिकता देते हुए रिफाइनरियों से कहा है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन से अधिकतम एलपीजी तैयार करें.

बेंगलुरु में होटल बंद होने की चेतावनी
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने कहा है कि गैस सप्लाई बाधित होने के कारण शहर के कई होटल और रेस्तरां प्रभावित हो सकते हैं. एसोसिएशन के मुताबिक अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई होटल बंद करने पड़ सकते हैं.

एसोसिएशन ने कहा कि होटल उद्योग एक आवश्यक सेवा है, क्योंकि आम लोग, छात्र और मेडिकल पेशे से जुड़े लोग रोजाना भोजन के लिए होटलों पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में गैस की कमी से बड़ी संख्या में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.

चेन्नई में भी बढ़ी चिंता
चेन्नई होटल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर स्थिति को गंभीर बताया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष एम रवि ने कहा कि होटल उद्योग 24 घंटे काम करता है. अगर कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बाधित रही तो पूरे तमिलनाडु में भोजन सेवा प्रभावित हो सकती है.

मुंबई में 20% होटल बंद होने की स्थिति
मुंबई में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी का असर दिखने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20% होटल और रेस्तरां ने संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है. दादर, अंधेरी और माटुंगा जैसे इलाकों के कई मशहूर रेस्तरां ने अपने मेन्यू को छोटा करना शुरू कर दिया है. धीमी आंच पर बनने वाले व्यंजन जैसे दाल मखनी या रवा डोसा जैसी चीजें मेन्यू से हटाई जा रही हैं.

गुरुग्राम में भी सप्लाई प्रभावित
गुरुग्राम के कई रेस्तरां ने भी कमर्शियल एलपीजी सप्लाई में बाधा की शिकायत की है. कई शहरों और कस्बों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं. लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों के बाहर खड़े हैं और जल्दी से जल्दी गैस भरवाने की कोशिश कर रहे हैं. राजधानी में गैस सिलेंडर ब्लैक में बिक रहे हैं.

भारत में करीब 33 करोड़ एलपीजी कनेक्शन हैं और घरेलू जरूरत को देखते हुए फिलहाल प्राथमिकता घरों को दी जा रही है. इस कारण होटल और रेस्तरां जैसे कमर्शियल सेक्टर को कम गैस मिल रही है.

एलपीजी कीमतों में भी बढ़ोतरी
मिडिल ईस्ट में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के कारण एलपीजी की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी हुई है. 7 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई, जिससे दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत 913 रुपए हो गई. वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपए की बढ़ोतरी हुई है.

आयात पर ज्यादा निर्भर भारत
भारत में एलपीजी की खपत बहुत ज्यादा है और देश का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है. 2024-25 में भारत ने करीब 31.3 मिलियन टन एलपीजी का उपयोग किया, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 12.8 मिलियन टन रहा.

मिडिल ईस्ट के होर्मुज रूट से करीब 85-90% आयात होता है. युद्ध के कारण यहां से सप्लाई प्रभावित होने से संकट गहरा गया है.

होटल और रेस्तरां में गैस की कमी क्यों हो रही है?
होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है जहां से तेल और गैस की बड़ी मात्रा में आपूर्ति होती है. भारत भी अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इनमें से लगभग 80 प्रतिशत आपूर्ति इसी मार्ग से होकर आती है. भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब दो तिहाई हिस्सा आयात करता है. यह गैस मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आती है. मिडिल ईस्ट में युद्ध और होर्मुज रूट में बाधा के कारण एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई है. सरकार घरेलू जरूरत को प्राथमिकता दे रही है, इसलिए कमर्शियल सेक्टर में कमी हो रही है.

क्या होटल बंद हो सकते हैं?
कई शहरों में होटल उद्योग ने चेतावनी दी है कि अगर गैस सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कुछ होटल और रेस्तरां अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं.

एलपीजी की कीमतों में कितना इजाफा हुआ है?
घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए की बढ़ोतरी हुई है.

भारत में एलपीजी की खपत और उत्पादन कितना है?
2024-25 में भारत ने 31.3 मिलियन टन एलपीजी इस्तेमाल की, जबकि घरेलू उत्पादन करीब 12.8 मिलियन टन ही रहा. बाकी जरूरत आयात से पूरी होती है.