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गड्ढे में फंसी थी कार.. मालिक था इंश्योरेंस के काम में बिजी.. इसी बीच गाड़ी को निकाले बिना बना डाली सड़क

गुजरात के रांदेर में एक ऐसा मामला सामने आया जहां कार को बीच गड्ढे में छोड़. नगर निगम का गड्ढे में मलबा डाल दिया. जिसके बाद पूरे मामले का वीडियो वायरल हो रहा है.

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गुजरात के सूरत शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है. रांदेर इलाके में सड़क किनारे चल रही खुदाई के दौरान एक कार अचानक गहरे गड्ढे में फंस गई. हालांकि, लोगों को सबसे ज्यादा हैरानी उस वक्त हुई जब कार को तुरंत बाहर निकालने की बजाय उसके आसपास ही पत्थर, रेत और गिट्टी डालकर सड़क को समतल करने का काम शुरू कर दिया गया. 

चश्मदीदों के मुताबिक, सड़क किनारे खुदाई का काम जारी था, तभी एक कार गड्ढे में उतर गई. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और किसी ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो में कार गड्ढे में फंसी नजर आती है, जबकि उसके आसपास सड़क की मरम्मत का काम चलता दिखाई देता है. यही दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.

कार निकालने से पहले भरी सड़क

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. लोगों का कहना था कि कार को पहले सुरक्षित बाहर निकालने की बजाय उसके नीचे और आसपास निर्माण सामग्री डालकर सड़क को समतल किया गया. इस तरीके को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर जमकर सवाल उठे और कई लोगों ने इसे लापरवाही बताते हुए प्रशासन की आलोचना की.

मामले पर सूरत महानगरपालिका के कार्यकारी अभियंता मेघावी देसाई ने बताया कि घटना सुबह हुई थी और कार चालक वाहन वहीं छोड़कर चले गए थे. सूचना मिलने के करीब 30 मिनट के भीतर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई थी. टीम ने सबसे पहले सड़क के उस हिस्से को वाहनों के आवागमन के लिए सुरक्षित बनाया, ताकि ट्रैफिक प्रभावित न हो.

इंश्योरेंस क्लेम की वजह से नहीं हटाई गई कार

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, कार मालिक से संपर्क कर वाहन हटाने का अनुरोध किया गया था. लेकिन कार मालिक ने बताया कि वह पहले मोटर इंश्योरेंस क्लेम की औपचारिकताएं पूरी करेंगे और उसके बाद ही वाहन को वहां से हटाएंगे. इसी वजह से कार को तुरंत मौके से नहीं हटाया जा सका.

नगर निगम का कहना है कि शाम के समय जब कार मालिक ने वाहन हटा लिया, तब टीम ने बचा हुआ मरम्मत कार्य भी करीब 30 मिनट के भीतर पूरा कर दिया. इसके बाद सड़क को पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार कर दिया गया.

खुदाई गुजरात गैस कंपनी की थी

कार्यकारी अभियंता मेघावी देसाई ने स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर खुदाई की गई थी, वह नगर निगम की परियोजना का हिस्सा नहीं था. उनके अनुसार यह काम गुजरात गैस कंपनी की ओर से कराया जा रहा था. घटना के बाद संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर दिया गया है और नियमों के तहत उस पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.