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किस देश का पासपोर्ट सबसे ज्यादा मजबूत? नई लिस्ट में सुधरी भारत की रैंकिंग, अब 55 देशों में बिना वीजा मिलेगी एंट्री

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार हुआ है और यह पांच पायदान ऊपर चढ़कर 80वें स्थान पर पहुंच गया है. जी हां, इससे पहले 2025 में भारत 85वें स्थान पर था, लेकिन अब पांच पायदान ऊपर चढ़कर 80वें स्थान पर पहुंच गया है. लेकिन आप सोच रहे होंगे कि आखिर इससे भारतीय पासपोर्ट को क्या फायदा हुआ? चलिए हम आपको बताते हैं.

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 जारी, 80वें स्थान पर पहुंचा भारत हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 जारी, 80वें स्थान पर पहुंचा भारत

Henley Passport Index 2026: दुनिया के ताकतवर पासपोर्ट की सूची Henley Passport Index 2026 जारी हो गई है. इस बार भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार हुआ है और यह पांच पायदान ऊपर चढ़कर 80वें स्थान पर पहुंच गया है. जी हां, इससे पहले 2025 में भारत 85वें स्थान पर था, लेकिन अब पांच पायदान ऊपर चढ़कर 80वें स्थान पर पहुंच गया है. लेकिन आप सोच रहे होंगे कि आखिर इससे भारतीय पासपोर्ट को क्या फायदा हुआ? चलिए हम आपको बताते हैं.

भारतीय पासपोर्ट को क्या फायदा हुआ?
दरअसल, नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पासपोर्ट धारक अब 55 देशों में बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल के साथ यात्रा कर सकते हैं. यानी इन देशों में जाने के लिए पहले से वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी या वहां पहुंचकर वीजा मिल जाएगा. हालांकि 2025 में भारत को 57 देशों में यह सुविधा मिल रही थी, लेकिन रैंकिंग के लिहाज से 2026 में भारत की स्थिति बेहतर हुई है. वहीं 2024 में भी भारत 80वें स्थान पर था. वहीं पिछले साल पहली बार टॉप-10 से बाहर होकर 12वें स्थान पर पहुंचा अमेरिका इस बार फिर से 10वें स्थान पर लौट आया है. यह अमेरिका के लिए राहत की खबर मानी जा रही है.

Indian passport ranking over the years. (Credit: Henley Passport Index)

एशियाई देशों का दबदबा
Henley Passport Index 2026 में इस बार भी एशियाई देशों का दबदबा देखने को मिला है. सिंगापुर दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है. सिंगापुर के नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं. जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं. इनके नागरिकों को 188 देशों में वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा है.

यूरोपीय देशों की मजबूत मौजूदगी
तीसरे स्थान पर इस बार डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, स्पेन और लक्जमबर्ग हैं. इन सभी देशों के पासपोर्ट धारक 186 देशों में बिना वीजा घूम सकते हैं. इससे साफ है कि यूरोप के देशों के पासपोर्ट अब भी काफी मजबूत बने हुए हैं.

यूएई की बड़ी छलांग
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस साल शानदार प्रदर्शन किया है. यूएई की रैंकिंग में पांच स्थान का सुधार हुआ है और वह अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के 20 साल के इतिहास में यूएई को सबसे तेज सुधार करने वाला देश माना गया है. साल 2006 से अब तक यूएई ने 149 देशों में वीजा-फ्री पहुंच हासिल की है और रैंकिंग में 57 स्थान ऊपर गया है. बता दें कि, इस सूची के सबसे निचले पायदान पर अफगानिस्तान है. अफगानिस्तान 101वें स्थान पर है और उसके नागरिक केवल 24 देशों में बिना वीजा जा सकते हैं. वहीं पाकिस्तान 98वें स्थान पर है, यानी वह भी कमजोर पासपोर्ट वाले देशों में शामिल है.

कैसे तैयार होती है यह रैंकिंग?
Henley Passport Index में 199 देशों के पासपोर्ट और 227 देशों व क्षेत्रों का आकलन किया जाता है. यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों पर आधारित होती है. इसमें यह देखा जाता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक बिना पहले से वीजा लिए कितने देशों में प्रवेश कर सकता है.

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