समान पक्षी विहार में बढ़ाई जाएगी सुविधा
समान पक्षी विहार में बढ़ाई जाएगी सुविधा
योगी सरकार मैनपुरी के समान पक्षी विहार को पर्यटन के नक्शे पर और आकर्षक बनाने के लिए यहां सुविधाओं का विस्तार करेगी. इसके लिए पक्षी विहार के समीप ग्राम सभा की छह हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी. मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. जमीन मिलने के बाद यहां पर्यटकों की जरूरतों के मुताबिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जाएंगी. प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है.
मैनपुरी का समान पक्षी विहार प्रदेश के प्रमुख वेटलैंड्स है. तकरीबन 5.25 वर्ग किलोमीटर में फैले इस स्थल को वर्ष 2019 में रामसर साइट घोषित किया गया था. सारस क्रेन समेत कई प्रजातियों के स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट यहां की खास पहचान है. सर्दियों के मौसम में दूर-दराज के देशों से आने वाले मेहमान पक्षियों से पूरा इलाका गुलजार हो उठता है. यही वजह है कि पक्षी देखने और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए समान पक्षी विहार विशेष आकर्षण का केंद्र रहा है.
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक एवं ईको टूरिज्म की संभावनाओं को भी तेजी से विकसित किया जा रहा है. समान पक्षी विहार में पर्यटक सुविधाएं बढ़ने से देश-विदेश के पक्षी प्रेमियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. इससे मैनपुरी को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.'
कैबिनेट के निर्णय के तहत मैनपुरी की किसनी तहसील के ग्राम समान स्थित गाटा सं0-2447ज्ञ/50.72 एकड़ (22.548 हे0) भूमि में से छह हेक्टेयर ऊसर भूमि पर्यटन विभाग को दी जाएगी. ग्राम भूमि प्रबंधक समिति पहले ही जमीन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है. भूमि का हस्तांतरण निःशुल्क होने के कारण सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा.
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का मानना है कि सुविधाओं के विकास से समान पक्षी विहार में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी. इसका लाभ आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी मिलेगा. प्रदेश में समान के अलावा चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, सांडी, बखीरा, विजय सागर, समसपुर, सूर सरोवर और पटना समेत कई पक्षी विहार हैं, जिन्हें पर्यटन से जोड़कर विकसित किया जा रहा है.