अक्षय तृतीया का पर्व इस साल बेहद खास है क्योंकि 100 साल बाद एक साथ सात शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों में आयुष्मान, सौभाग्य, गजकेसरी और त्रिपुष्कर योग शामिल हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और नया कार्य शुरू करना अत्यंत फलदायी होता है। त्रिपुष्कर योग के कारण इस दिन किए गए कार्यों का फल तीन गुना प्राप्त होता है। दूसरी तरफ, देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटर खुल गए हैं, जहां देश भर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 18 लाख लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के लिए हैं। बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत रास्तों का विस्तार और भूस्खलन वाले इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए चिकित्सा, पेयजल और ट्रैफिक मैनेजमेंट की पूरी व्यवस्था की है।