सुप्रीम कोर्ट ने देश की निचली अदालतों में लंबित मामलों को लेकर कई बार चिंता व्यक्त की है. इन अदालतों के कामकाज में तेजी लाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने की पहल शुरू हो रही है. एक भारतीय स्टार्टअप ने अदालती कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया है. 'अदालत एआई' नाम की यह स्टार्टअप अदालत के कामकाज को सुगम और सरल बनाने में सहायता करती है. यह पहल उन बाधाओं को दूर करने के लिए है जो किसी भी मामले में आती हैं, जैसे बयान दर्ज करने में देरी, कागजात मिलने में समय लगना, आदेश आने में विलंब और फैसले में महीनों का समय लगना. "कोर्ट कचेहरी की जब बात होती है तो सबसे पहले यही बात उठती है कि कोई भी केस कोर्ट में जाता है तो सालों लग जाते हैं." यह स्टार्टअप क्लेरिकल और मैन्युअल प्रक्रियाओं की समस्याओं का समाधान करती है, जैसे स्टेनोग्राफर की अनुपलब्धता, दस्तावेजों का अनुवाद और फाइलों का प्रबंधन. यह एक ऐसा सिस्टम भी प्रदान करती है जहां जज अपनी भाषा में बोले गए शब्दों को ट्रांसक्राइब कर सकते हैं. इसके अलावा, एक केस फ्लो मैनेजमेंट सिस्टम भी बनाया गया है, जो जजों को मामलों को व्यवस्थित तरीके से संभालने और सभी संबंधित दस्तावेजों को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखने में मदद करेगा.