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DRDO: वो ब्रह्मास्त्र जो दुश्मन को करेगा नेस्तनाबूद, DRDO बना रहा स्वदेशी कामिकेज़ ड्रोन 'स्विफ्ट'

भारत अपना पहला स्वदेशी कामिकेज़ ड्रोन 'स्विफ्ट' विकसित कर रहा है, जिसे बेंगलुरु में डी आरडी ओह की एयरनोटिकल डेवलपमेंट एस्टाब्लिशमेंट प्रयोगशाला में बनाया जा रहा है. यह ड्रोन, जिसमें स्टेल्थ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, 735 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है, दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के बाद खुद नष्ट हो जाता है और पाकिस्तान के चीनी हेच क्यू नाइन एयर डिफेंस सिस्टम को भी भेद सकता है. इसका वजन करीब 1050 किलो है, यह 200 किलोमीटर दूर तक कमांड ले सकता है और जैसा कि कहा गया, "भविष्य में तनाव या फिर जंग की स्थिति में ड्रोन पर काफी कुछ निर्भर करेगा और कुछ घंटों में युद्ध की तस्वीर बदल सकती है."