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Defence News Hindi | Infantry Day: 1947 का शौर्य, भैरव फोर्स और रुद्र ब्रिगेड से लैस आधुनिक पैदल सेना

Defence News Hindi | भारतीय पैदल सेना यानी इन्फैंट्री को सेना की रीढ़ माना जाता है. 27 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तानी कबाइली हमले से कश्मीर को बचाने के लिए भारतीय सेना की पहली टुकड़ी श्रीनगर पहुंची थी, जिसे हर साल इन्फैंट्री दिवस के रूप में याद किया जाता है. 1947 के युद्ध में सिख रेजिमेंट, लेफ्टिनेंट कर्नल रंजीत राय और पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के अदम्य साहस ने बडगाम और श्रीनगर एयरफील्ड की रक्षा कर इतिहास रचा. समय के साथ सेना ने खुद को परंपरागत युद्ध से आधुनिक युद्ध में ढाला है. 1979 में जनरल के सुंदरजी के प्रयासों से मेकनाइज्ड इन्फैंट्री का गठन हुआ, जिसने पैदल सेना को तेज गति और बख्तरबंद ताकत दी. वर्तमान दौर में भारतीय सेना 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियन और एकीकृत 'रुद्र ब्रिगेड' जैसे आधुनिक ढांचे तैयार कर रही है. ड्रोन, नाइट विजन, थर्मल सेंसर, हल्के आधुनिक हथियार और डिजिटल तकनीक के जरिए इन्फैंट्री भविष्य की बहु-आयामी चुनौतियों और सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सशक्त हो रही है.