कश्मीर के कुलगाम के एक युवा इंजीनियर मोहम्मद आमिर खान ने घरों से निकलने वाले कचरे को रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के अवसर में बदल दिया है. उन्होंने कचरा प्रबंधन का एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिससे पर्यावरण का संरक्षण हो रहा है और रोजगार भी पैदा हो रहा है. आमिर की टीम ने पॉलीथीन कचरे को एक खास धागे में बदलने का तरीका निकाला है, जिससे कारीगर पर्यावरण के अनुकूल थैले और चादर बुनते हैं. बायोडिग्रेडेबल कचरे को एक अभिनव तरीके से बायोफर्टिलाइजर में बदला जाता है. एक व्यक्ति ने बताया, "यहां पे हम दोनों बायोडेग्रेडबल वेस्ट और नॉन बायोडेग्रेडबल वेस्ट इन दोनों प्रोब्लम्स को सॉल्व करते हैं बायोडेग्रेडबल वेस्ट को हम. एक इन्नोवेटिव तरीके से अपनी टेक्नोलॉजी की मदद से एक बायोफर्टिलाइजर में कॉनवर्ट करते हैं और उसके बाद एक वैल्यू अडिशन बायोफर्टिलाइजर भी हम इसमें ऐड करते हैं, जो हाईडेंसी प्लांटेशन में बहुत ज्यादा इम्पैक्टफुल है" यह पहल 4000 से अधिक परिवारों को सेवाएं प्रदान कर रही है, जिससे 25 से अधिक मजदूरों को सीधा रोजगार मिला है और हजारों परिवारों को अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिल रही है. पिछले साल के मुकाबले उनकी आय में 60 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो 50 लाख रुपये से बढ़कर 80 लाख रुपये हो गई है.