देश के कई हिस्सों में कुदरत की चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिसमें पंजाब में बेतहाशा बारिश से नदियां उफान पर हैं. नदियों का पानी गांवों और रिहाइशी इलाकों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को अपना आशियाना छोड़ना पड़ा है. इस मुश्किल वक्त में पंजाब के लोग एक-दूसरे की मदद करके इंसानियत की मिसाल कायम कर रहे हैं. विस्थापित लोगों के खाने-पीने और इलाज का ख्याल रखा जा रहा है. दो गांवों के लोगों ने मिलकर लंगर लगाया है और चिकित्सा व्यवस्था भी की गई है. एक व्यक्ति ने बताया कि "चार 500 बंदा हो गया है। ज्यादा एलर्जी के पेट क्योंकि बहुत ज्यादा है।" खराब पानी के कारण एलर्जी और पेट संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. फतेहगढ़ चिड़ियों से दवाइयां लाई गई हैं. ट्रैक्टर और ट्रॉली के जरिए खाने-पीने की चीजें और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं. रामदास गांव जैसे कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल है, लेकिन वहां भी सामग्री पहुंचाने की कोशिशें जारी हैं. चाय, लंगर, मेडिकल सुविधाएं और पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध करवाया जा रहा है.