तमिलनाडु के मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व में गणेश चतुर्थी का पर्व अनूठे रूप में मनाया गया. यहाँ पत्थर या मिट्टी की मूर्ति के बजाय जीवित हाथियों को भगवान गणेश के रूप में पूजा गया. मुदुमलाई का यह शिविर हाथियों की देखभाल और संरक्षण के लिए है. बहावतों ने हाथियों को कुमकुम लगाकर, फूलों की माला पहनाकर सजाया और मंदिर परिसर की परिक्रमा कराई. स्थानीय लोग हाथियों को भगवान गणेश का जीवंत रूप मानते हैं.