नवरात्रि आने वाली है और इसके साथ ही व्रत रखने वालों की संख्या भी बढ़ जाएगी. व्रत के दौरान लोग फल, दूध, साबूदाना, सिंघाड़े और कुट्टू के आटे से बनी चीजें खाते हैं. खासकर कुट्टू की रोटी, पूरी और पकौड़ी लोग खूब खाते हैं. इसी वजह से नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की मांग अचानक बढ़ जाती है. मांग बढ़ते ही बाजार में मिलावटी कुट्टू का आटा भी मिलने लगता है.
ऐसे में आटा खरीदते समय सिर्फ पैकेट देखकर भरोसा करना ठीक नहीं है. कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप असली नकली की पहचान कर सकते हैं.
1. असली कुट्टू का आटा आमतौर पर हल्के भूरे या धूसर रंग का दिखाई देता है. अगर आटा बहुत ज्यादा चमकीला सफेद या असामान्य रूप से एक जैसा रंग लिए हुए है तो सावधान रहें. हालांकि केवल रंग के आधार पर आटे को नकली नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कुट्टू की किस्म और पिसाई के तरीके से रंग में थोड़ा अंतर हो सकता है.
2. ताजा कुट्टू के आटे में हल्की प्राकृतिक अनाज जैसी खुशबू होती है. पैकेट खोलने पर अगर आटे से सीलन, बासीपन, फफूंद या किसी तरह की अजीब गंध आ रही है तो उसे खरीदने से बचें.
3. थोड़े से आटे को एक गिलास साफ पानी में डालकर देखें. सामान्य कुट्टू का आटा पानी में मिलकर गाढ़ा मिश्रण बनाता है. अगर इसमें कोई असामान्य कण, रंग छोड़ने या अलग तरह की परत दिखाई देती है तो आटा मिलावटी हो सकता है.
4. कुट्टू का आटा नमी के संपर्क में आने पर जल्दी खराब हो सकता है. खरीदते समय देखें कि आटा बहुत ज्यादा गीला या असामान्य रूप से चिपका हुआ तो नहीं है. अगर पैकेट के अंदर बड़ी-बड़ी गांठें हैं तो इसे न खरीदें.
5. खुला आटा खरीदने के बजाय भरोसेमंद ब्रांड का पैक्ड आटा लेना बेहतर विकल्प हो सकता है. पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, पैकिंग डेट, बेस्ट बिफोर डेट, बैच नंबर और निर्माता की जानकारी जरूर देखें.