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दिवाली पर मिठाई खरीदने जा रहे हैं तो जरा ठहरें, मावा नकली है या असली, इन आसान तरीकों से घर लाने से पहले करें पहचान

त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में कुछ दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए मावे, घी, दूध और रंगों में मिलावट कर सकते हैं. मिलावटी मिठाई खाने से पेट खराब होने से लेकर दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं.

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Adulteration in Diwali Sweets Adulteration in Diwali Sweets
हाइलाइट्स
  • मिठाई खरीदते समय न खाएं धोखा

  • मावे से लेकर चांदी के वर्क तक ऐसे पहचानें मिलावट के संकेत

दिवाली पर घर में मिठाई न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. कोई मेहमानों के स्वागत के लिए काजू कतली खरीदता है, तो कोई रिश्तेदारों और दोस्तों को मिठाई के डिब्बे भेजता है. बाजार में भी इन दिनों तरह-तरह की मिठाइयां बिक रही हैं. लेकिन कुछ दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए मावे, घी, दूध और रंगों में मिलावट करते हैं. होली दिलावी के मौके पर तो मिठाई में मिलावट की खूब खबरें आती हैं. ऐसी मिठाइयां खाने से लोग बीमार पड़ सकते हैं.

हालांकि, हर तरह की मिलावट को घर पर पहचानना आसान नहीं है. लेकिन मिठाई खरीदते समय कुछ बातों पर ध्यान देकर आप काफी हद तक सावधानी बरत सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 4 तरीके, जिनसे मिठाई की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

1. मावे का रंग देखकर लगाएं अंदाजा
मावे से बनी मिठाइयां जैसे पेड़ा, बर्फी, कलाकंद और गुलाब जामुन दिवाली पर खूब खरीदी जाती हैं. इन्हें खरीदते समय इनके रंग पर ध्यान दें. असली मावे का रंग आमतौर पर हल्का क्रीम या दूधिया होता है. अगर मिठाई जरूरत से ज्यादा सफेद, चमकदार या असामान्य रंग की दिख रही है, तो इसे खरीदने से बचें.

2. मिठाई की खुशबू से पहचानें ताजगी
असली मावे और घी से बनी मिठाई में दूध और घी की हल्की प्राकृतिक खुशबू आती है. अगर मिठाई से खट्टी, बासी या अजीब तरह की गंध आ रही है, तो उसे खरीदने से बचें. कई बार पुरानी मिठाइयों में भी ऐसी गंध आने लगती है. इसलिए दुकानदार से मिठाई के ताजा होने और उसे बनाने की तारीख के बारे में पूछें. खासतौर पर दूध और मावे से बनी मिठाइयों को खरीदते समय यह सावधानी जरूरी है.

3. चांदी के वर्क की भी करें जांच
काजू कतली, बर्फी और दूसरी कई मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगाया जाता है. यह मिठाई को चमकदार बनाता है. लेकिन कुछ जगहों पर असली चांदी की जगह दूसरी धातुओं का वर्क इस्तेमाल भी किया जाता है. असली चांदी का वर्क बहुत पतला होता है. इसे हल्के से रगड़ने पर यह छोटे टुकड़ों में टूटने के बजाय फैल सकता है. इसलिए भरोसेमंद दुकान से ही मिठाई खरीदें और उसकी सामग्री के बारे में जानकारी लें.

4. बहुत ज्यादा चमकीले रंग वाली मिठाई न खरीदें
रंग-बिरंगी मिठाइयां देखने में आकर्षक लगती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा चमकीले रंग वाली मिठाई खरीदने से बचना चाहिए. कुछ मिठाइयों में तय सीमा से ज्यादा कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है. खासतौर पर लाल, हरे, पीले और नारंगी रंग की मिठाइयां खरीदते समय सावधानी रखें. अगर मिठाई का रंग गहरा है या छूने पर हाथ में रंग लग रहा है, तो उसे न खरीदें. पैक्ड मिठाइयों पर इस्तेमाल किए गए रंगों और सामग्री की जानकारी भी जरूर पढ़ें.

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