सिर्फ सर्दी में मिलती हैं ये 5 भाजी
सिर्फ सर्दी में मिलती हैं ये 5 भाजी
ठंड के मौसम की सबसे खास बात है कि इस मौसम में सब्जियों के एक से बढ़कर एक ऑप्शन होते हैं. क्या खाएं क्या न खाएं समझ ही नहीं आता. वैसे तो आज के समय में कोई भी सब्जी किसी भी मौसम में मिल जाती है, लेकिन जब बात भाजी की आए तो इन्हें हर मौसम में उगाना संभव नहीं है. कुछ ऐसी भाजियां भी हैं जो केवल सर्द के मौसम में ही मिलती हैं. तो चलिए आपको बताते हैं 5 ऐसी भाजियों के बारे में जो केवल ठंड में ही मिलती हैं.
चना भाजी
चना भाजी को भाजी का राजा कहा जाता है. जो केवल नवंबर से जनवरी में मिलती है. इसका स्वाद हल्का खट्टा होता है. इसकी ऊपरी भाग को तोड़कर इसकी भाजी बनाई जाती है. अगर आप चना भाजी खाने के शौकीन हैं तो आपको ये बता दें कि ये भाजी अब मार्केट में यह आ चुकी है. इसे आप दाल के साथ या सूखी सब्जी के तौर पर भी बना सकते हैं.
लाल भाजी
लाल भाजी को कहीं लाल साग और लाल चौलाई के नाम से जाना जाता है. इस भाजी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड खासतौर पर खाया जाता है. बालाघाट और मध्य प्रदेश में इसे आलू के साथ पकाया जाता है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो खून की कमी को दूर करते हैं और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं.
चौलाई भाजी
इसकी सब्जी से लोग काफी प्रभावित होते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए काफी लाभकारी हैं. इसे खासतौर से आलू के साथ बनाया जाता है. खड़ी लाल मिर्च सब्जी के स्वाद को और भी बढ़ा देती है, जो रोटी के साथ खाई जाती है.
लाखड़ी भाजी
यह भाजी खासतौर से मध्य प्रदेश के बालाघाट, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में उगाई जाती है. इसे पीसकर इसकी सब्जी बनाई जाती है, जिसका स्वाद हल्का मीठा और मिट्टी की सौंधी खुशबू वाला होता है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं.
सरसों का साग
सरसों का साग को आलू के साथ पीसकर सब्जी बनाई जाती है. इसे बेस्ट कॉम्बो है सरसों का साग और मक्के की रोटी. सरसों का साग में विटामिन और मिनरल्स का भंडार होता है. बालाघाट में इसे धोकर बारीक काटा जाता है और फिर लहसुन, सूखी लाल मिर्च और घरेलू मसालों में पकाकर सूखी सब्जी बनाई जाती है.
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