Agra News
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उत्तर प्रदेश में आगरा के बाह तहसील में एक सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. यह सड़क जिला मुख्यालय से करीम 90 किलोमीटर दूर है. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव गढ़वार की क्षतिग्रस्त लिंक मार्ग में एंबुलेंस करीब दो घंटे तक फंसी रही, जिसके चलते प्रसव पीड़िता को समय पर स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचाया जा सका और नवजात बच्ची की मौत हो गई. इस मामले में ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत देकर लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और सड़क की मरम्मत की मांग की है.
प्रशासन का क्या कहना है?
इस संबंध में एसडीएम बाह विनोद कुमार का कहना है कि सूचना मिलते ही एंबुलेंस को प्रसूता के घर रवाना कर दिया गया था. अत्यधिक वर्षा के कारण प्रसूता के घर तक जाने वाला मार्ग आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था. इस प्राकृतिक एवं विषम परिस्थिति के बावजूद चालक ने सूझबूझ दिखाई और एंबुलेंस को 10 से 15 मिनट के व्यवधान पर मरीज को जैतपुर के सीएससी केंद्र पर रात्रि 3 बजे पहुंचा दिया था. सीएससी में भर्ती करते समय चिकित्सकों ने जच्चा और बच्चा की स्थिति सामान्य पाई थी. डाइलेशन नहीं था, इसलिए निरंतर चिकित्सीय निगरानी में महिला को रखा गया था. सुबह 5 बजे परिजन अपनी सुरक्षा से मरीज को निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका प्रसव कराया गया. परंतु दुर्भाग्य बस बच्चा नहीं बच सका. घंटे तक मार्ग अवरुद्ध होने और चिकित्सा से संबंधित बातें निराधार हैं. इस संबंध में एक जांच टीम गठित की गई है शीघ्र ही उसकी रिपोर्ट आ जाएगी.
करीब एक महीने से टूटा है लिंक मार्ग-
शिकायत के मुताबिक, आगरा की तहसील बाह के गांव गढ़वार के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से लिंक मार्ग बना हुआ है. ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के दौरान करीब एक महीने पहले गांव मुकुंदपुरा के पास लिंक मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था. इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए जाने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई. हालांकि एसडीएम बाह ने जानकारी दी है कि रोड को पीडब्ल्यूडी विभाग ने सही कर दिया गया है.
2 घंटे फंसी रही एंबुलेंस-
शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि 2 सितंबर 2026 की रात गांव की निवासी निधि पत्नी प्रदीप सिंह को प्रसव पीड़ा हुई. परिजनों ने रात करीब 1 बजे सरकारी एंबुलेंस को फोन कर बुलाया.
एंबुलेंस मरीज को लेने के लिए पहुंची, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़क के कारण एंबुलेंस रास्ते में ही फंस गई. ग्रामीणों के मुताबिक एंबुलेंस करीब दो घंटे तक सड़क पर फंसी रही.
ट्रैक्टर से खींचकर निकाली गई एंबुलेंस-
शिकायत में कहा गया है कि रात के समय ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त मार्ग से बाहर निकाला. इसके बाद एंबुलेंस दूसरे रास्ते से प्रसूता को लेकर आगे बढ़ी.
ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण नवजात बच्ची की सांस थम गई. शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉक्टरों ने प्रसव के बाद नवजात बच्ची को मृत घोषित कर दिया.
ग्रामीणों ने PWD पर लगाया लापरवाही का आरोप-
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में सड़क की मरम्मत नहीं होने के लिए लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है. उनका कहना है कि यदि क्षतिग्रस्त सड़क की समय रहते मरम्मत करा दी जाती तो एंबुलेंस को रास्ते में फंसने की समस्या नहीं आती.
ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस पर तहसील बाह में शिकायत देकर मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त मार्ग पर करीब 200 मीटर सीसी रोड बनवाने की मांग की है.
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