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हवाई सफर करने वाले यात्री जानते हैं कि उनके लिए सामान की सुरक्षा कितनी बड़ी जरूरत होती है. खासकर जब सामान महंगा और नाजुक हो. ऐसे ही एक मामले में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ कंज्यूमर कोर्ट ने एयर इंडिया एक्सप्रेस को ₹27,000 रिफंड करने का आदेश दिया है. दरअसल एक यात्री ने अपनी स्पोर्ट्स साइकिल के लिए अलग से स्पेशल हैंडलिंग फीस दी थी, लेकिन एयरपोर्ट पर साइकिल को आम सामान वाली बेल्ट पर रख दिया गया. कोर्ट की तरफ से इसे एयरलाइन की सेवा में कमी मानी. साथ ही 2025 के इस मामले में आदेश 31 अगस्त 2026 को दिया गया.
मामला यात्री एनजी सुशांत से जुड़ा है. उन्होंने 27 जुलाई 2025 को चेन्नई से मंगलुरु जाने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट बुक की थी. उनके पास करीब ₹3 लाख की रेसिंग साइकिल थी. साइकिल के लिए उन्होंने टिकट के अलावा ₹2,000 की स्पेशल इक्विपमेंट हैंडलिंग फीस भी दी थी. उनका कहना था कि एयरलाइन ने साइकिल को खास सावधानी से रखने और पहुंचाने का भरोसा दिया था.
मंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने के बाद यात्री ने देखा कि उनकी महंगी साइकिल आम सामान के साथ बैगेज बेल्ट पर घूम रही थी. उन्होंने एयरलाइन के कर्मचारियों से इस बारे में पूछा. यात्री के अनुसार, कर्मचारियों को यह जानकारी भी नहीं थी कि साइकिल के लिए स्पेशल हैंडलिंग बुक की गई थी. इसके बाद उन्होंने एयरलाइन को शिकायत भेजी और अपनी ₹2,000 की फीस वापस मांगी. लेकिन समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
एयरलाइन ने माना कि यात्री से ₹2,000 की फीस ली गई थी. हालांकि, एयरलाइन का कहना था कि इस फीस का मतलब यह नहीं है कि साइकिल को सफर के हर स्टेज में हाथ से उठाकर ले जाया जाएगा. एयरलाइन ने यह भी कहा कि साइकिल सही हालत में यात्री को मिली थी और उसे कोई नुकसान नहीं हुआ था.
कोर्ट ने मामले से जुड़े दस्तावेज और वीडियो देखे. वीडियो में साइकिल को आम सामान वाली बेल्ट पर रखा हुआ देखा गया. कोर्ट ने माना कि साइकिल को नुकसान भले ही नहीं हुआ, लेकिन स्पेशल हैंडलिंग के लिए फीस लेने के बाद जिस तरह की सावधानी का भरोसा दिया गया था, वह पूरी नहीं की गई. इसे सेवा में कमी माना गया.
आयोग ने एयरलाइन को ₹2,000 फीस वापस करने, ₹20,000 मुआवजा देने और ₹5,000 मुकदमे के खर्च के रूप में देने का आदेश दिया. इस तरह कुल रकम ₹27,000 होती है. भुगतान 45 दिनों में करना होगा. देरी होने पर 6% सालाना ब्याज भी देना होगा.