
Alwar Dry Fruit Sweets
Alwar Dry Fruit Sweets
दिवाली पर मिठाई खरीदने बाजार जाएं तो इस बार दुकानों पर आपको कुछ अलग देखने को मिल सकता है. काजू कतली, बेसन के लड्डू और मावे की मिठाइयों के साथ अब ड्राई फ्रूट से बनी नई-नई वैरायटी भी ग्राहकों को लुभा रही हैं. खास बात यह है कि अब बकलावा खाने के लिए दुबई, तुर्की या अरब देशों तक जाने की जरूरत नहीं है. राजस्थान के अलवर में भी इसका स्वाद लिया जा सकता है.
त्योहारों पर दूध और मावे में मिलावट की खबरों के बीच लोग मिठाई खरीदते समय भी सावधानी बरतने लगे हैं. यही वजह है कि बाजार में काजू, बादाम, पिस्ता और दूसरे ड्राई फ्रूट से तैयार मिठाइयों की मांग बढ़ रही है. मिठाई कारोबारी भी ग्राहकों की पसंद को देखते हुए नए प्रयोग कर रहे हैं. बाजार में 100 से ज्यादा तरह की ड्राई फ्रूट मिठाइयां उपलब्ध हैं. इनकी कीमत 1,000 से लेकर 5,000 रुपए किलो तक है.

मावे की मिठाई के बजाय ड्राई फ्रूट को पसंद कर रहे लोग
दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों पर मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है, लेकिन मिलावट की आशंका के कारण कई लोग अब पारंपरिक मिठाइयों से दूरी बनाने लगे हैं. दूध और मावे से बनी मिठाइयों के बजाय वे काजू, बादाम और पिस्ता से तैयार विकल्प तलाश रहे हैं. इस बदलाव का असर बाजार में भी दिख रहा है. पहले जहां काजू कतली और दूसरे पारंपरिक पकवानों की मांग रहती थी, वहीं अब ड्राई फ्रूट से बनी अलग-अलग मिठाइयां भी ग्राहकों की पसंद बन रही हैं. चॉकलेट और दूसरी पैक्ड मिठाइयों की तरफ भी लोगों का रुझान बढ़ा है.
1,000 से 5,000 रुपए किलो तक है कीमत
अलवर के जोधपुर मिष्ठान भंडार के संचालक के मुताबिक, ग्राहकों की पसंद में बदलाव के साथ ड्राई फ्रूट मिठाइयों की मांग बढ़ी है. बाजार में इनकी कई तरह की वैरायटी मौजूद हैं. काजू, बादाम और पिस्ता के इस्तेमाल से तैयार होने वाली इन मिठाइयों की कीमत 1,000 से 5,000 रुपए किलो तक है. कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक अब मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देते हैं. वे ऐसी मिठाइयां पसंद कर रहे हैं, जिनमें अच्छी क्वालिटी के ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल किया गया हो.

अलवर में खास कारीगर तैयार कर रहे बकलावा
ड्राई फ्रूट मिठाइयों के बीच बकलावा भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है. यह मिठाई तुर्की और मध्य-पूर्व के देशों में काफी लोकप्रिय है. इसकी खासियत है कि इसे कई पतली परतों, ड्राई फ्रूट और चाशनी या शहद की मदद से तैयार किया जाता है. अलवर में भी इसकी मांग को देखते हुए मिठाई कारोबारियों ने इसे बनवाना शुरू कर दिया है. इसके लिए खास कारीगर बुलाए जाते हैं, जिन्हें बकलावा बनाने का अनुभव है. वे ड्राई फ्रूट के साथ इसकी अलग-अलग वैरायटी तैयार करते हैं. कारोबारी के मुताबिक, ग्राहकों को इसका स्वाद पसंद आ रहा है और वे इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.
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