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Ambala: सबसे ज्यादा दूध देने पर मुर्रा भैंस को मिला इनाम, मालिक रॉयल एनफील्ड लाया घर

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में प्रतियोगिता में अंबाला के रहने वाले बिल्लू की मुर्रा भैंस ने पहला इनाम जीता है. भैंस ने 29.65 किलोग्राम दूध देकर इनाम दिया. बिल्लू को पहले इनाम के तौर पर बुलेट मोटरसाइकिल मिली. बिल्लू की मुर्रा भैंस पहले भी ट्रैक्टर और 2 लाख रुपए का इनाम जीत चुकी है.

Murrah buffalo Murrah buffalo

हरियाणा के अंबाला की एक मुर्रा भैंस ने करीब 30 किलोग्राम दूध देकर कुरुक्षेत्र में प्रतियोगिता में इनाम में बुलेट जीत लिया. इससे पहले भी ये भैंस दो प्राइज जीत चुकी है. एक साल में ये मुर्रा भैंस का तीसरा पुरस्कार है. भैंस ने इससे पहले ट्रैक्टर और 2 लाख रुपए का इनाम जीता था. मुर्रा भैंस का मालिक रवींद्र कुमार उर्फ बिल्लू है. 

मुर्रा भैंस को मिला पहला इनाम-
अंबाला के साहा कस्बे के रहने वाले रवींद्र सिंह उर्फ बिल्लू ने डेयरी फार्म का काम कर अपनी पहचान बनाई है. कुरुक्षेत्र में DFA डेयरी फार्म एसोसिएशन हरियाणा ने तीन दिवसीय पशु मेला आयोजित किया है. इसमें हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसान अपने पशुओं के साथ पहुंचे. इस मेले में बिल्लू की भैंस ने 29.650 किलोग्राम दूध देकर पहला इनाम जीता. बिल्लू की मु्र्रा भैंस को इनाम में बुलेट मिला.

उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में हमने प्रतियोगिता जीती है. जिसमें हमारा पहला इनाम आया और हमने बुलेट बाइक मिली है. सबसे बड़ी बात ये है कि इस प्रतियोगिता में हम सभी पशु पालक बड़े प्यार से रहे हैं. बिल्लू ने अपनी इस भैंस का नाम सुंदरा रखा हुआ है, जो सभी को काफी पसंद आ रहा है. 

51.30 लाख में खरीदी थी मुर्रा भैंस-
बिल्लू ने एक साल पहले वर्ल्ड की सबसे महंगी भैंस पवित्र सरदार से 51 लाख 30 हजार में खरीदी थी और जब से उन्होंने ये भैंस खरीदी, तब से मेलों में प्रतियोगिता में ले जाने लगा. बिल्लू ने कहा कि दिसंबर 2025 में हमने दो प्रतियोगिता जीती, जिसमें ट्रैक्टर जीता और एक बात दो लाख रुपए जीते. उन्होंने बताया कि इस भैंस ने अभी तक सभी की इज्जत रखी है. उन्होंने बताया कि लोग अपने बच्चों को विदेश भेजते है, लेकिन मैंने अपने बच्चों को भी इसी कारोबार में लगाया है.

बिल्लू को बचपन से जानवरों से लगाव-
रवींद्र ने ज्यादा पढ़ाई नहीं की है. लेकिन बचपन से ही उनको जानवरों से  लगाव है. उन्होंने भैंस के साथ गाय और बकरी भी पाली है. बिल्लू कहते है कि उन्हें इन सभी का बहुत शौक है. प्राइज जीतकर उन्हें बहुत अच्छा लगा है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है. बिल्लू ने अपने बच्चों को भी इसी व्यवसाय में लगा दिया है. हालांकि उनके रिश्तेदार कहते है कि बच्चों को विदेश क्यों नहीं भेजते, जिसपर उनका कहना है कि विदेश भेजने से अच्छा है कि यहीं पर अगर अच्छा कारोबार करते हैं तो अच्छी खासी इनकम हो सकती है.

(कृष्ण बाली की रिपोर्ट)

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