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Amrawati News:10 फीट पानी के अंदर तिरंगे को सलामी! अमरावती के पुलिस कांस्टेबल ने सांस रोककर चलाई साइकिल

अमरावती पुलिस विभाग के कांस्टेबल प्रवीण आकरे ने पानी के अंदर साइकिल चलाकर तिरंगे को अनोखी मान वंदना देने का प्रयास किया है. खास बात यह है कि उन्होंने करीब 10 फीट गहरे पानी में 25 मीटर तक साइकिल चलाई और करीब 1 मिनट 16 सेकेंड तक सांस रोककर यह प्रदर्शन किया. 

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Constable Pravin Akre rode a bicycle underwater Constable Pravin Akre rode a bicycle underwater

15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभर में हर घर तिरंगा अभियान के जरिए देशभक्ति का जज्बा देखने को मिल रहा है. इसी बीच महाराष्ट्र के अमरावती से तिरंगे को सलामी देने का एक ऐसा अनोखा अंदाज सामने आया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है. अमरावती पुलिस विभाग के कांस्टेबल प्रवीण आकरे ने पानी के अंदर साइकिल चलाकर तिरंगे को अनोखी मान वंदना देने का प्रयास किया है. खास बात यह है कि उन्होंने करीब 10 फीट गहरे पानी में 25 मीटर तक साइकिल चलाई और करीब 1 मिनट 16 सेकेंड तक सांस रोककर यह प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने किसी ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं किया.

सांस रोककर चलाई साइकिल
अमरावती के जॉक्स स्टेडियम स्थित पुलिस विभाग के जलतरण तालाब में यह अनोखा प्रदर्शन किया गया. पुलिस कांस्टेबल प्रवीण आकरे ने तिरंगे को अपनी विशेष रूप से तैयार की गई साइकिल पर लगाया और पानी के भीतर उतर गए. करीब 10 फीट गहराई में पहुंचने के बाद उन्होंने सांस रोककर साइकिल चलानी शुरू की और करीब 25 मीटर का अंतर तय किया. पानी के अंदर साइकिल चलाना आसान नहीं था. साइकिल पानी में तैरने न लगे और जमीन पर संतुलित रहे, इसके लिए साइकिल में कई विशेष बदलाव किए गए. इस विशेष साइकिल को तैयार करने में उनके मित्र और साइकिल मैकेनिक महेंद्र जडे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. साइकिल के फ्रेम में ऐसे बदलाव किए गए कि उसमें पानी प्रवेश कर सके और उसका वजन बढ़ जाए. इसके चलते साइकिल पानी में ऊपर तैरने के बजाय नीचे बनी रहे. साइकिल के आगे ट्यूबलेस टायर लगाया गया, जबकि पीछे की ओर ऐसा टायर इस्तेमाल किया गया जिसमें सामान्य हवा भरने की जरूरत नहीं थी. संतुलन बनाए रखने के लिए पीछे और दोनों तरफ बच्चों की साइकिल के अतिरिक्त पहियों जैसी सपोर्ट व्यवस्था भी की गई. इन सभी तकनीकी बदलावों की मदद से साइकिल को पानी के भीतर स्थिर रखा गया और प्रवीण आकरे ने उस पर तिरंगा लगाकर अपनी देशभक्ति का अनोखा प्रदर्शन किया.

प्रवीण आकरे की खास कला
प्रवीण आकरे इससे पहले भी पानी के अंदर तैरते हुए योगासन करने के लिए जाने जाते हैं. पानी के भीतर योग और सांस रोकने की अपनी कला के चलते उन्हें कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है. इसी अनुभव और अभ्यास के आधार पर उन्होंने इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे को कुछ अलग अंदाज में सलामी देने का फैसला किया. अमरावती पुलिस विभाग की डीसीपी प्रांजलि सोनवणे ने कांस्टेबल प्रवीण आकरे के इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि पानी के अंदर साइकिल चलाना और वह भी बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के सांस रोककर प्रदर्शन करना निश्चित रूप से कठिन है लेकिन प्रवीण आकरे ने अपने अभ्यास, योग और विशेष कौशल के माध्यम से इसे संभव करके दिखाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को अपने इस कांस्टेबल पर गर्व है.